अन्य कैटेगरी के उत्पादों पर सरकार लगाएगी प्रतिबंध, ये है कारण

नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कारोबारियों से कहा है कि वे अपने शिपमेंट के लिए 30 दिन के भीतर फॉरेन ट्रेड ऑफिस से हारमोनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेन्क्लेचर (एचएसएन) या टैरिफ कोड प्राप्त कर लें।

उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

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अन्य कैटेगरी के तहत होने वाले व्यवसाय बने मुसीबत 

आपको बता दें कि ‘अन्य’ कैटेगरी के उत्पादों को लेकर सरकार ने चिंता जताया है और इस कैटेगरी के उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। कारोबार के दौरान प्रत्येक उत्पाद को एचएसएन कोड के तहत सूचीबद्ध किया जाता है, जिससे उत्पाद के वर्गीकरण में सुविधा होती है। गोयल ने बताया कि ‘अन्य’ कैटेगरी के तहत होने वाला आयात बहुत अधिक बढ़ गया है, जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि हर चार आयात में से एक ‘अन्य’ कैटेगरी के तहत होता है। वर्ष 2018-19 के दौरान कुल 50,000 करोड़ डॉलर (करीब 35 लाख करोड़ रुपये) मूल्य का आयात हुआ, जिसमें 10,000 करोड़ डॉलर (करीब सात लाख करोड़ रुपये) मूल्य का आयात ‘अन्य’ कैटेगरी के तहत हुआ है।

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‘अन्य’ कैटेगरी के उत्पादों को किया जाएगा प्रतिबंधित

गोयल ने जर्मन मॉडल अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि 30 दिनों तक आयातकों के जवाब का इंतजार करेंगे, इसके बाद ‘अन्य’ कैटेगरी के तहत आने वाले प्रत्येक उत्पाद को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। ‘अन्य’ कैटेगरी के तहत उत्पादों का आयात करने के लिए वाणिज्य मंत्रलय से विशेष अनुमति की जरूरत होगी और इसके लिए आयातक जल्द से जल्द विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से अपने उत्पाद के लिए एचएसएन कोड प्राप्त कर लें।

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