बहूबा​​​​जार में टनल से होने लगा पानी का रिसाव, इसलिए आयीं दरारें

पानी के फोर्स को केमिकल ग्राउटिंग के जरीए रोकने की कोशिश की गई
दरारों के बाद भी जारी रहेगा मेट्रो परियोजना का काम
50 मीटर दायरे में रहनेवाले लोगों के घरों को भी कराया जायेगा खाली
कोलकाता : बहूबाजार के घरों में दरारें आने का क्या कारण है? केएमआरसीएल के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह मदन दत्त लेन में साइट का दौरा किया। विशेषज्ञों ने शुरू में कहा था कि दरारें मिट्टी से पानी के रिसाव के कारण हुई हैं। करीब 136 स्थानीय लोगों को उनके टूटे हुए घरों से निकाल कर महानगर के 5 होटलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। केएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक चंद्रनाथ झा ने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया था। विशेषज्ञों की टीम ने सलाह दी है कि प्रभावित इलाके के 50 मीटर दायरे में रहने वाले सभी परिवारों को भी घर खाली करने की सलाह दी है। ऐसे में इलाके के और 400 लोगों को घर खाली करने को कहा जाएगा। इस बाबत प्रबंध निदेशक ने मेयर फिरहाद हकीम से होटलों की व्यवस्था करने में सहायता मांगी है। चंद्रनाथ झा ने बताया कि घटना गुरुवार की देर रात 3.30 बजे की है। 11, 12 नम्बर मदन दत्त लेन के नीचे ही अंडरग्राउंड क्रास पैसेज के बेंचिंग का कार्य किया जा रहा था। इस पानी की फोर्स इतना ज्यादा था कि उसे केमिकल ग्राउटिंग के जरीए रोकने की कोशिश की गई। लेकिन इसके बाद पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पानी कि क्योकिं मिट्टी बहुत ज्यादा नरम है। इस कारण पानी के रिसाव काफी तेज है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निवासियों को लगता है कि स्थिति काफी चिंताजनक है। इस बारे में जीएम ए. के. नंदी ने कहा​ कि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के लिए बहूबाजार क्षेत्र में सुरंग खोदने का काम लंबे समय से चल रहा है। कभी-कभी इसे पूजा के लिए रोक दिया जाता था। पिछले शुक्रवार से फिर से काम शुरू हो गया। केएमआरसीएल सूत्रों के मुताबिक मदन दत्त लेन के ठीक नीचे क्रॉस पास बनाने का काम किया जा रहा था, जहां घर में दरार नजर आ रही थी। मिट्टी को सख्त करने के लिए एक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन काम के दौरान देखा जा रहा है कि पानी जमीन से रिस रहा है। मेट्रो कर्मियों की नजर इस पर भी पड़ी तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह इतना बड़ा खतरा हो सकता है। प्रभावित घरों के निवासियों ने बताया कि नींद में घर हिल रहे थे, दीवारों से पानी रिस रहा था, इसलिए वे और डर गए। केएमआरसीएल सूत्रों के मुताबिक, जमीन से रिसने वाले पानी के कारण घरों में दरारें आयी हैं। वहीं प्रभावितों के लिए वित्तीय मुआवजे की भी घोषणा की गई है। सरकार ने उन्हें 15 दिन के भीतर वह पैसा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि, यह कहा जा सकता है कि इस घटना से मेट्रो का काम फिर से धीमा हो गया है। परंतु काम जारी रहेगा।

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