कांथी के इस गांव में जलजमाव होते ही पेयजल की हो जाती है किल्लत

अभिषेक को देखते ही गांववालों ने प्रधान की शिकायत की
प्रधान के साथ उप-प्रधान पर गिरी गाज
48 घंटे में पद त्याग नहीं किया तो होगी कानूनी कार्रवाई
सन्मार्ग संवाददाता
पूर्व मिदनापुर : कांथी में बसा मारीषदा गांव। शनिवार को सभा में जाने से पहले तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी अचानक इस गांव में पहुंच गये और गांववालों से उनकी समस्या पर बात की। अभिषेक को अपने करीब पाकर गांववालों से भी रहा न गया और उन लोगों ने अपनी समस्या बताने में संकोच न किया। गांववालों ने बताया कि उन्हें आये दिन पीने के पानी को लेकर बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। बरसाती दिनों में स्थिति और बुरी हो जाती है जब गांव में जल-जमाव हो जाता है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या को लेकर पंचायत के प्रधान या उप-प्रधान को बताया नहीं गया हो। गांववालों ने अभिषेक से कहा कि कई बार इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रधान की दहलीज पर गये मगर हर बार खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
समस्या सुनते ही प्रधान व उप प्रधान हटाये गये
गांववालों की समस्याओं को सुनने के बाद अभिषेक ने बिना सवाल जवाब किये ही मारीषदा 5 नंबर ग्राम पंचायत के प्रधान और उप प्रधान को पद से त्यागपत्र देने का आदेश दिया। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि अगर अगले 48 घंटे में इनका त्यागपत्र जमा नहीं होता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जलजमाव होते ही पानी में डूब जाते हैं ट्यूबवेल
गांववालों की माने तो इस गांव में जल-जमाव मूल समस्या है जिसकी वजह से पानी के नल व ट्यूबवेल पूरी तरह डूब जाते हैं। समस्या काफी होती है जिसके कारण पीने का पानी लेने के लिए लोगों को आसपास के गांवों में जाना होता है। यह समस्या आज की नहीं है बल्कि पुरानी है। लोगों का आरोप है कि अगर प्रधान इस समस्या पर ध्यान देते तो हमें इतनी मुश्किल होती ही नहीं। अब जब खुद अभिषेक बनर्जी गांव में आये हैं तो उन्हें इस समस्या से अवगत कराना जरूरी था।

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