अनुब्रत से कम नहीं है बीड़ी व्यवसायी व विधायक की संपत्ति

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अनुब्रत मंडल से कम नहीं है बीड़ी कारोबारी व विधायक की संपत्ति। अनुब्रत मंडल फिलहाल जेल हिरासत में है। उनके खिलाफ आयकर ने लगभग 10 साल पहले कार्रवाई की थी जहां पर करोड़ों की संपत्ति का पता चला था। इसके बाद अन्य एजेंसियों सीबीआई व ईडी ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जो कि अब तक चल रही है। मवेशी तस्करी मामले में ईडी की टीम अनुब्रत को हिरासत में लेना चाहती है, फिलहाल यह मामला कोर्ट में है। इसी तरह ही बीड़ी कारोबारी व विधायक की संपत्ति देखकर आयकर अधिकारियों की आंखें चौधियां गयी। सूत्रों की माने तो तो एक दर्जन आयकर अधिकारी व कर्मी एक दर्जन सीआरपीएफ के जवानों के साथ विधायक से जुड़े परिसरों में तलाशी करने पहुंचे थे। उनकी संपत्ति को देखकर केन्द्रीय एजेंसी चौंक गयी थी। एक तो 11 करोड़ कैश रुपये विधायक के फैक्ट्री व आवास से जब्त किये गये। इसके अलावा करोड़ों की संपत्ति का भी पता चला है।
बीड़ी के अलावा चावल, जूट तथा तेल सहित कई तरह के कारोबर है विधायकजी का
आयकर विभाग की कार्रवाई बुधवार की सुबह शुरू हुई कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। पूर्व मंत्री के मुर्शिदाबाद वाले घर, बीड़ी फैक्ट्री और तेल मिलों पर भी छापा मारा गया। सूत्रों की माने तो चावल मिलों के अलावा विधायक की तेल व जूट मिलें भी है। सूत्रों की माने उनका कच्चा में काफी काम होता है। ग्रामीण इलाका होने के कारण वहां तक आयकर व अन्य टैक्सों को लेकर लोग उतने सचेत नहीं है जितने की कोलकाता में है। बीड़ी कारखाने और कई मिलों के मालिक विधायक जी का दावा है कि उनके पास दस्तावेज हैं। यह पैसा उनके कारखाने और मिलों में काम करने वाले मजदूरों को दिया जाना था। आयकर विभाग के अधिकारी को विधायक ने बताया कि उनके यहां लगभग 7,000 मजदूर काम करते हैं। उन्हें पैसा देना था। मेरे घर और मिलों से जो पैसा जब्त किया गया, वह मजदूरों और किसानों को दिया जाना था। हमने उन्हें दस्तावेज दिखाए लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। सुरक्षा कारणों से हमें कभी-कभी नकदी को घर पर रखने की आवश्यकता होती है। कानून अपना काम करेगा। मैं नियमित तौर पर टैक्स चुकाता हूं। हमने अधिकारियों के साथ भी सहयोग किया है।
कई बीघा में हैं बीड़ी कारोबारी का आवास
सूत्रों की माने तो मुर्शिदाबाद के सुती स्थित कॉले​जपाड़ा में स्थित बीड़ी व्यवसायी व विधायक का आवास लगभग 50 बीघा के कैम्पस में हैं। स्थानीय सूत्रों की माने तो अभी हाल ही में इस कैम्पस को चारों ओर से घेरा गया है। इसमें भी करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। वहीं उनकी 8 से 10 कंपनियां है, जिनमें हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। उस इलाके में इन्हें बड़े कारोबारी के तौर पर देखा जाता है। यही नहीं और कई तरह के व्यवसाय से विधायक जुड़े हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान मुर्शिदाबाद के अलावा कोलकाता और साथ ही दिल्ली में विधायक के आवास और कार्यालय परिसरों पर छापे पड़े हैं।
कैश जब्ती के बाद अचानक उग्र हो गयी थी भीड़, समझा बुझाकर आयकर अधिकारी कैश लेकर बाहर आये
11 करोड़ की कैश जब्ती के बाद स्थानीय लोग व उनके श्रमिक उनके आवास के निकट पहुंच गये। आरोप है कि इस दौरान विधायक ने भी कैश ले जा रहे अधिकारियों को इसे ले जाने से रोका जिसके बाद आयकर अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि अगर वे इस प्रक्रिया में बाधा देते हैं तो उन पर आपराधिक मामला हो सकता है, इसके बाद विधायक ने इस मामले में सहयोग किया। वहीं बाहर उग्र भीड़ भी थी, जो कि सैकड़ों की संख्या में थी और अधिकारी व सीआरपीएफ कर्मी लगभग एक दर्जन -एक दर्जन थे। ऐसे में सबकों समझा बुझाकर आयकर की टीम वहां से निकल पायी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

वंदे भारत एक्सप्रेस पर हमला को लेकर पीआईएल

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए हमले को लेकर एक पीआईएल दायर की गई है। एडवोकेट रमाप्रसाद सरकार ने यह पीआईएल दायर की आगे पढ़ें »

प्लेटफॉर्म छोड़ 500 मीटर दूर जाकर रुकी लोकल ट्रेन

विधाननगर रेलवे स्टेशन की घटना सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : सोमवार की सुबह विधाननगर रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म से 500 मीटर दूर जाकर रुकी। अचानक इस आगे पढ़ें »

ऊपर