एसपी ने कहा, 20 वर्षों में नहीं घटी थी ऐसी दुर्घटना

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मालबाजार के एसपी देवर्षि दत्त ने कहा कि लंबे समय से मालबाजार की माल नदी में प्रतिमा विसर्जित की जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में ऐसी कोई दुर्घटना नहीं घटी थी। हालांकि इस साल प्रतिमा विसर्जन के दौरान ही हादसा हुआ। सिविल डिफेंस कर्मचारियों का दावा है कि किसी प्रकार की सतर्कतामूलक व्यवस्था नहीं की गयी थी। यहां तक कि उद्धार के लिए रस्सी के अलावा कुछ नहीं था और ना ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था थी। हालांकि एसपी देवर्षि दत्त ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘कई वर्षों से विसर्जन हो रहा है। 20 वर्षों में ऐसी किसी दुर्घटना का इतिहास नहीं था, उपयुक्त व्यवस्था भी थी। सिविल डिफेंस के काफी लोग थे, मेडिकल टीम थी। विसर्जन शुरू होने के समय घुटने भर ही पानी था। किसी पूर्वानुमान के बगैर अचानक ही हरपा बाढ़ आ गयी। उस समय विसर्जन घाट पर लगभग एक हजार लोग थे जिसमें 27-28 लाेग बह जा रहे थे। उनमें से 8 लोगों की मौत हो गयी। हालांकि अब कोई लापता नहीं है।’ दशमी के दिन माल नदी में 60-70 प्रतिमाओं का विसर्जन करने की बात थी। इस कारण पहले से बोल्डर की सहायता से नदी की राह बदल दी गयी थी। हालांकि इससे ही ऐसा हादसा हुआ या नहीं, इस संबंध में एसपी ने मुंह नहीं खोला। हरपा बाढ़ हादसे से शिक्षा लेते हुए प्रतिमा विसर्जन के समय सुरक्षा और बढ़ा दी गयी। अब नदी में उतरकर प्रतिमा विसर्जन नहीं करना होगा।

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