‘इतना निर्दयी – निर्मम पीएम और गृह मंत्री आज तक नहीं देखा’

यह लड़ाई केवल अलापन की नहीं, सभी ब्यूरोक्रेट्स की है
सभी राज्य सरकारें, विपक्षी नेताओं, आईएएस-आईपीएस, एनजीओ साथ आएं
74 साल में कभी भी ऐसा नहीं हुआ जो अब हो रहा है
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : केंद्र और राज्य में ठनी तकरार के बीच सीएम ममता बनर्जी ने पीएम और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। अलापन बंद्योपाध्याय को केंद्र द्वारा फिर से दिल्ली बुलाने के पत्र से बिफरीं ममता बनर्जी ने कहा कि इतना निर्दयी, निर्मम प्रधानमंत्री, गृहमंत्री आज तक नहीं देखा है। ममता बनर्जी के खिलाफ जाने के लिए उनके ब्यूरोक्रेट्स पर अत्याचार कर रहे हैं। अाप हार गये हैं, आप ममता बनर्जी को पसंद नहीं करते हैं। मैं जिस दिन से सीएम पद की शपथ ली हूं उस दिन से अलग-अलग केंद्रीय टीम का भेज रहे हैं और कह रहे हैं यहां हिंसा हुई। यह सब करके राज्य सरकार पर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। टॉप आईएएस ऑफिसर जिसने राज्य के लिए अपना पूरा कार्यकाल दिया। मुख्य सचिव राज्य के सबसे बड़े नौकरशाह हैं। 74 साल की स्वतंत्रता में कभी भी ऐसा नहीं हुआ था। यह सब करके मोदी सरकार क्या संदेश देश को देना चाहती है। ममता बनर्जी ने अपील की कि सभी राज्य सरकारें, विपक्षी नेताओं, आईएएस-आईपीएस, एनजीओ एक साथ आएं।
अमित शाह तानाशाहों की तरह व्यवहार कर रहे हैं
मुख्‍यमंत्री ने कहा कि वे अलापन बंद्योपाध्याय को बंगाल नहीं छोड़ने देंगी। वह अब मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार हैं। अब वह दिल्‍ली नहीं जाएंगे। केंद्र किसी अधिकारी को राज्य सरकार की सहमति के बिना ज्वॉइन करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हिटलर, स्टालिन जैसे तानाशाहों की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
प्रतिशोध की राजनीति कर रही है केंद्र सरकार
केंद्र पर लगातार हमले करते हुए सीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल प्रतिशोध की राजनीति कर रही है क्योंकि बंगाल की जनता ने भाजपा को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का लड्डू जो खाया वह पछताया जो नहीं खाया वह भी पछताया। अापने (केंद्र) शायद ज्यादा लड्डू खा लिया है। एक दिन आपको पछताना पड़ेगा।
ऐसे खड़ा हुआ था पूरा विवाद
केंद्र और राज्य के बीच पूरा विवाद पिछले हफ्ते शुरू हुआ था, जब प्रधानमंत्री यास चक्रवात से हुए बंगाल में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान हुई एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल के मुख्य सचिव अलापन के देरी से पहुंचने के बाद विवाद शुरू हो गया था। हालांकि सीएम ने कहा था कि पीएम को नहीं बल्कि उन्हें इंतजार करना पड़ा था और उन्होंने तीन बार पीएम से जाने की इजाजत मांगी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ही दिल्ली से राज्य को पत्र भेजा गया था और 31 मई की सुबह 10 बजे अलापन बंद्योपाध्याय को दिल्ली रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद ही राज्य और केंद्र के बीच ठन गयी।

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