सिर्फ 50 हजार रुपये के लिए अपने दोस्तों का कत्ल किया सत्येंद्र ने

बागुईआटी हत्याकाण्ड में मुख्य अभियुक्त हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में पकड़ाया, मुंबई भागने की फिराक में था
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बागुईआटी में छात्रों की हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त सत्येंद्र चौधरी को शुक्रवार की सुबह हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। गुप्त सूत्रों से मिली खबर के आधार पर सीआईडी की विशेष टीम हावड़ा स्टेशन पर पहुंची थी। सादे लिबास में सीआईडी के अधिकारी गश्त लगा रहे थे। स्टेशन पर आते ही सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया जिसके बाद उसे विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में लाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सत्येंद्र ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि केवल 50 हजार रुपये के लिए ही उसने अपने दोस्तों अभिषेक नस्कर और अतनु दे की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हालांकि इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि केवल 50 हजार रुपये के लिए सत्येंद्र ने क्यों​ 2 लाख रु. की सुपारी दी ? बागुईआटी के दो छात्र अतनु दे और अभिषेक नस्कर की हत्या की घटना में सीआईडी की टीम सत्येंद्र को ढूंढ रही थी। गुरुवार से ही इस मामले में सीआईडी ने जांच शुरू की थी।
कई बार सिम कार्ड बदला था सत्येंद्र ने
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सत्येंद्र ने कई बार सिम कार्ड बदला था। इस कारण यह समझ में नहीं आ रहा था कि वह असल में कहां है। यहां उल्लेखनीय है कि गत बुधवार को ही बागुईआटी हत्याकाण्ड की जांच का ​​जिम्मा सीआईडी को मिला था। गुरुवार की सुबह से ही सीआईडी ने जांच शुरू की थी। सत्येंद्र ने जिस अतिथिशाला में बैठकर हत्या की योजना बनायी थी, वहां तलाशी अभियान चलाया गया। हत्या के लिए इस्तेमाल की गयी कार की भी जांच की गयी थी। इसके 24 घण्टे के अंदर ही सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
सत्येंद्र ने कहा, रुपये के लिए ही की हत्या
बताया गया कि अतनु ने अपनी बाइक खरीदने के लिए 50 हजार रुपये सत्येंद्र को दिये थे। हालांकि बाइक नहीं खरीद पाने के कारण अतनु अपने रुपये वापस मांग रहा था। बताया गया कि गत 22 अगस्त को सत्येंद्र ने बाइक दिखाने के नाम पर अतनु को बुलाया था। वहीं गत 23 अगस्त को नैजाट में अतनु व 25 अगस्त को हाड़वा में अभिषेक का शव बरामद किया गया था। हत्या की घटना के 18 दिनों के अंदर सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के कारण हुआ गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार, सत्येंद्र मुंबई भागने की फिराक में था। इसके लिए हावड़ा स्टेशन पर आकर वह ट्रेन का टिकट कटा रहा था। टिकट लेने से पहले एक रिश्तेदार के साथ सत्येंद्र ने ऑनलाइन रुपये का लेन-देन किया था। ऑनलाइन लेन-देन के आधार पर ही सत्येंद्र का पता चला। बताया गया कि यूं ताे सत्येंद्र बार-बार सिम कार्ड बदल रहा था, लेकिन उक्त ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बाद उसने सिम कार्ड नहीं बदला था जिस कारण वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। जिस रिश्तेदार से उसने रुपये लिये थे, उसके फोन पर भी पुलिस की निगरानी थी। शुक्रवार को सत्येंद्र को बारासात कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिनों की सीआईडी हिरासत में भेज दिया गया है। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि कैसे उसने पूरी घटना को अंजाम दिया। घटना का पुनर्निर्माण भी कराया जा सकता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सप्तमी पर महानगर में ट्रैफिक व्यवस्था हुई प्रभावित

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : महासप्तमी के अवसर पर रविवार को महानगर की सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पूजा पंडाल घूमने के लिए लोगों की आगे पढ़ें »

पार्थ के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का तकनीकी रोड़ा

अभी इंतजार है राज्य सरकार की अनुमति का सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : टीचर नियुक्ति घोटाले में सीबीआई की तरफ से पहली चार्जशीट अलीपुर के सीबीआई कोर्ट में आगे पढ़ें »

ऊपर