इस साल होगा रावण दहन, दशहरा महोत्सव पूरा करेगा 10वां साल

सन्मार्ग और साल्टलेक सांस्कृतिक संसद की पहल
कब – 4 व 5 अक्टूबर
कहां – साल्टलेक के सेंट्रल पार्क स्थित विधाननगर मेला ग्राउंड
अनुमानित भीड़ : 25 हजार से अधिक
विशेष आकर्षण : डांडिया व कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बुराई पर अच्छाई की जीत यानी रावण दहन। सन्मार्ग और साल्टलेक सांस्कृतिक संसद की ओर से लगातार 9 वर्षों से आयोजित किया जा रहा रावण दहन का इस बार 10वां वर्ष पूरा होगा। रावण दहन धार्मिक आस्था का प्रतीक है और कोविड काल के 2 वर्षों के बाद इस बार बड़े पैमाने पर दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 25 हजार से अधिक लोगों की भीड़ रावण दहन कार्यक्रम में उमड़ने की संभावना जतायी जा रही है। उद्घाटन कार्यक्रम के दिन यानी 4 अक्टूबर को डांडिया व सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जायेंगे। वहीं अगले दिन यानी 5 अक्टूबर काे रावण दहन किया जायेगा व पटाखे जलाये जाने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
सरकारी नियमों का सख्ती से होगा पालन
संसद के अध्यक्ष ललित बेरिवाल ने बताया कि इस बार रावण दहन पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में आये मेहमानों केे लिए उचित व्यवस्था की जायेगी। इस बार 10वां वर्ष पूरा होगा, ऐसे में निश्चित तौर पर भव्य आयोजन किया जायेगा। वहीं कोविड की स्थिति सामान्य रहने के कारण इस बार पहले की तरह ही कार्यक्रम होगा। इस आयोजन में ललित जी व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका है।
50 फीट की होगी रावण की मूर्ति
कार्यक्रम में रावण की मूर्ति 50 फीट की होगी। इसके साथ ही कुम्भकर्ण व मेघनाद का दहन भी किया जायेगा। इस रावण दहन कार्यक्रम के द्वारा यह संदेश दिया जाता है कि बुराई चाहे कितनी ही बड़ी और भव्य आकार की क्यों ना हो, एक दिन उसका दहन निश्चित है। कार्यक्रम में राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री व गण्यमान्य अतिथियों की मौजूदगी रहेगी।

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