टीचर के पद पर हालिया नियुक्त प्रियंका को मिली राहत

उसके खिलाफ पिटिशन दायर करने वाली पर लगाया 50 हजार जुर्माना
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाल ही में टीचर पद पर नियुक्त किए गए प्रियंका साव को हाई कोर्ट से शुक्रवार को राहत मिल गई। उनकी नियुक्ति को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में एक रिट दायर की गई थी। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने मामले की सुनवायी के बाद पिटिशन को खारिज कर दिया। इसके साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
उत्तर बंगाल की प्रीति नरजियानरी ने यह पिटिशन दायर किया था। बबिता सरकार के मामले की सुनवायी में उन्हें पार्टी बनाया गया था। जस्टिस गंगोपाध्याय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह रकम 21 दिनों के अंदर एसएससी के खाते में जमा करनी पड़ेगी। प्रीति नरजियानरी ने 14 नवंबर को यह पिटिशन दायर किया था। उनका दावा था कि टीवी चैनल पर प्रियंका साव का इंटरव्यू देखने के बाद उन्होंने ब्रेकअप लिस्ट देखा था। अपना नंबर अधिक देख कर उन्होंने हाई कोर्ट में पिटिशन दायर किया था। जस्टिस गंगोपाध्याय का सवाल था कि पिटिशन दायर करने में इतनी देर क्यों की गई। पिछले साल जुलाई में एसएससी की वेबसाइट पर ब्रेक अप का प्रकाशन किया गया था। हाई कोर्ट में मामला दायर करने के बाद प्रियंका साव को सितंबर में टीचर की नौकरी मिली थी। इसके साथ ही जस्टिस गंगोपाध्याय ने अपने आदेश में कहा है कि एक बार संस्तुति पत्र मिलने के बाद यह दोबारा नहीं दी जाती है। यहां गौरतलब है कि प्रीति एक स्कूल में नौवीं-दसवीं कक्षा में टीचर के पद पर कार्य कर रही हैं।

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