अंदर प्रकाश जावड़ेकर कर रहे थे प्रधानमंत्री की बात, बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : शनिवार काे आईसीसीआर में एक तरफ अंदर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे तो दूसरी ओर, आईसीसीआर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं में आपस में झड़प हो रही थी। मामला जल्द ही हाथापाई तक पहुंच गया। दरअसल, शनिवार को आईसीसीआर में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर आये थे। वह मोदी@20 यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ही आईसीसीआर के बाहर दक्षिण कोलकाता में भाजपा के युवा मोर्चा के इनचार्ज अभिजीत नाहा और सव्यसाची रॉय चौधरी के बीच झड़प हो रही थी और जल्द ही बात हाथापाई तक पहुंच गयी। इस बारे में अभिजीत नाहा ने कहा, ‘सव्यसाची रॉय चौधरी खुद ही पार्थ दुर्नीति मामले में शामिल है। इस दिन वह भाजपा की सांगठनिक बैठक में आये थे। सिक्योरिटी गार्ड से उन्होंने कहा था कि वह सीबीआई की ओर से आये हैं। मैंने उन्हें बैठक में देखा तो उन्हें बाहर लेकर गया। इसके बाद उनसे पूछा कि मार्केट में टीएमसी के नाम पर आप उगाही करते हैं तो बीजेपी की बैठक में क्या कर रहे हैं। सव्यसाची भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं का नाम ले रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि वह झूठ बोल रहे थे। भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर मैं नहीं चाहता था कि इस तरह का कोई व्यक्ति पार्टी की सांगठनिक बैठक में रहे।’ इधर, आईसीसीआर के बाहर अभिजीत नाहा समेत युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता सव्यसाची पर हावी हो गये थे और उनके साथ मारपीट भी की जा रही थी। इस मुद्दे पर सव्यसाची रॉय चौधरी ने कहा, ‘मैं एडवोकेट हूं, शमिक दा ने बुलाया है, आप उन्हें बुलाइये।’ सव्यसाची का कहना था कि वह प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य के कहने पर यहां आये हैं। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘यह बात सही है कि सव्यसाची एक वकालतनामे पर मुझसे हस्ताक्षर कराने के लिए आया था। कोलकाता नगर निगम चुनाव से पहले अभिजीत नाहा ने मेरे साल्टलेक स्थित घर पर आकर मेरा परिचय सव्यसाची रॉय चौधरी से करवाया था। इसके आगे मैं कुछ नहीं कह सकता।’ इस मसले पर सभी अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं और वि​भिन्न बातें कही जा रही हैं। हालांकि सवाल यह उठता है कि केंद्रीय मंत्री की जब बैठक चल रही थी, ऐसे समय में इस प्रकार झड़प होना क्या संदेश देता है ? क्या प्रदेश के भाजपा नेताओं के नियंत्रण में उनके कार्यकर्ता नहीं रह गये हैं ?

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