अनुव्रत की गिरफ्तारी पर गरमायी राजनीति, विपक्ष ने किया कटाक्ष

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अनुव्रत मण्डल की गिरफ्तारी पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक व्यक्ति को 10 बार बुलाया गया, लेकिन वह सीबीआई के सामने हाजिर नहीं हुए। ऐसे में इतनी गरिमाशाली संस्था पर भी लोग सवाल उठा रहे थे। अनुव्रत जैसे माफिया एक मोदी की दुकान से, जो हाट में मछली बेचता था, आज वह 1000 करोड़ रु. का मालिक है। बीरभूम में विपक्ष और हिन्दुओं पर चुनाव के समय अनुव्रत के निर्देश पर अत्याचार हुए, लोगों को बेघर किया गया, अब उम्मीद है कि वह सबका नाम बतायेंगे। भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा, ‘काफी समय से लोग इस दिन का इंतजार कर रहे थे। बीरभूम में इतना आतंक उन्होंने फैला कर रखा था। गत 8 वर्षों से मैं राजनीति में हूं और 2016 में बीरभूम से मैंने चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्होंने उस समय पूरी तरह वोट लूट कर लोगों की राय दबा दी थी। पशु तस्करी, बालू माफिया से वह जुड़े हुए हैं, अब जनता न्याय चाहती है। तृणमूल के पूरी तरह भ्रष्ट होने का हमारा आरोप भी धीरे – धीरे सामने आने लगा है।’
वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि पिंजड़ा तैयार हो रहा है। हो जाने पर पिंजड़े का सामान अंदर चला जायेगा। अब लुका छिपी खत्म हो गयी है, जेल में आराम करें। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘इस तरह का नाटक हमने बहुत देखा है, ऐसे लोगों ने बहुत लोगों और परिवारों का भविष्य अंधेरे में डाल दिया है। लोगों के हाहाकार का नतीजा अब भुगतना ही होगा। लाल गाड़ी में वह घूमते हैं, डॉक्टर को आदेश देकर उनसे रिपोर्ट बनवायी जाती है। ऐसे लोगों का बाकी जीवन जेल में कटे, ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिये।’ भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘गिरफ्तारी टालने की उन्होंने कई कोशिशें की, अनुव्रत एक मुखौटा है। उनका उत्थान तृणमूल के सहयोग के बिना संभव नहीं हुआ है।’ इस मुद्दे पर माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा, ‘वह चड़ाम चड़ाम ढाक बजाने की बात कहते थे, मुख्यमंत्री ने प्रश्रय दिया है। सीएम को इस मामले में विज्ञप्ति जारी करनी चाहिये।’
भाजपा ने बांटा नकुल दाना, गुड़ और बताशा
इधर, अनुव्रत मण्डल की गिरफ्तारी के बाद भाजपा की ओर से विभिन्न स्थानों पर नकुल दाना, गुड़ और बताशा वितरित किया गया। यहां उल्लेखनीय है कि गत विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के समय अनुव्रत मण्डल द्वारा नकुल दाना वितरित कर वोट प्रभावित करने का आरोप लगा था। उस समय से ही उनका नकुल दाना लोकप्रिय हो गया था और इस दिन उनकी गिरफ्तारी के बाद भी इसे बांटा गया।

शेयर करें

मुख्य समाचार

दुर्गापूजा को यूनेस्को से मान्यता दिलाने में केंद्र सरकार की भूमिका : मीनाक्षी लेखी

राज्य छीन रहा है श्रेय सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : दुर्गापूजा को यूनेस्को से अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा मिलने के बाद पूरे राज्य में उत्साह का माहौल आगे पढ़ें »

डेंगू से सावधान रहने के लिए पूजा समितियां भी करें प्रचार

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने महानगर में डेंगू की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि कोलकाता नगर निगम और आगे पढ़ें »

ऊपर