राज्य में बालू और पत्थर लदे ट्रकों की धड़ल्ले से हो रही है ओवरलोडिंग

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में ट्रकों की ओवरलोडिंग काेई नयी बात नहीं है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से कोलकाता की सड़कों पर काफी संख्या में ओवरलोडिंग वाले ट्रक दिखायी दे रहे हैं। ऐसे में ट्रक संगठनों द्वारा इस पर कार्रवाई की अपील की जा रही है। ओवरलोड वाले ट्रकों के कारण कई सड़कों का हाल भी बेहाल होता जा रहा है। मुख्य तौर पर राज्य में बालू और पत्थर से लदे ट्रकों में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग हो रही है। खड़गपुर से दुर्गापुर जाने वाली काफी ट्रकें ओवरलोडेड होती हैं। इसी तरह नलहाटी से रोजाना 700-800 ट्रकें निकलती हैं ​जिनमें लगभग 25% ट्रकों में ओवरलोडिंग होती है। वहीं रानीगंज से निकलने वाली अधिकतर ट्रकों में 5 से 7 टन अतिरिक्त माल रहता है।
बांग्लादेश जाने वाली ट्रकें जा रही हैं ओवरलोडेड
ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स व्हीकल ओनर्स एसोसिएशन (ईस्ट जोन) के उपाध्यक्ष अमृत शेरगिल ने कहा कि एक बार फिर ओवरलोडिंग शुरू हो गयी है। बालू व पत्थर लदे ट्रकों में ओवरलोडिंग अधिक देखी जा रही है। पहले 70% अंडरलोडिंग और 30% ओवरलोडिंग होती थी, लेकिन अब यह 50-50 पर पहुंच गयी है। विशेषकर सीमाई इलाकों से बांग्लादेश जाने वाली ट्रकों में अधिक ओवरलोडिंग होती है।
30 टन की परमिट, लेकिन 50 से 55 टन तक ओवरलोडिंग
अमृत शेरगिल ने बताया कि ट्रकों की परमिट जहां तक 30 टन तक होती है, वहीं ओवरलोडिंग 50 से 55 टन तक की जा रही है। घोजाडांगा, मेहंदीपुर, उत्तर 24 परगना में ट्रकों की ओवरलोडिंग काफी अधिक होती है।
इन जिलों से जाते हैं ये ट्रक
बर्दवान, विष्णुपुर, मिदनापुर, दामोदर सिउड़ी से आने वाले ट्रकों में बालू लदा होता है। इनमें अधिकतर ट्रकें ओवरलोडेड आती हैं। इसी तरह स्टोन यानी पत्थर की बात करें तो ये ट्रकें नलहाटी, रामपुरहाट, पाचामी, मो. बाजार आदि स्थानों से आती हैं। इनमें भी ओवरलोडिंग की समस्या काफी अधिक है।
फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के महासचिव सजल घोष ने कहा कि बीरभूम, बांकुड़ा, बर्दवान पूर्व से आनी वाली अधिकतर ट्रकों में ओवरलोडिंग होती है। ट्रक संगठनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि ओवरलोड ट्रकों के लिए हर महीने 12 से 15 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। वहीं काफी संख्या में ओवरलोड ट्रकें नक्काशीपाड़ा, पलासी, डोमकल आदि जिलों में जाती हैं। आरामबाग, इलमबाजार आदि स्थानों पर भी काफी ओवरलोड ट्रकें चलती हैं।
परिवहन विभाग ने बनाये थे सख्त नियम
ओवरलोडिंग रोकने के लिए गत वर्ष जून महीने में परिवहन विभाग द्वारा सख्त नियम बनाये गये थे। इसके लिए 20,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक फाइन और इसके साथ ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन तक रद्द करने की बात कही गयी थी। हालांकि सख्त नियमों के बावजूद ओवरलोड वाले ट्रकों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है।

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