अब ईडी पार्थ चटर्जी के वकील को सौंपेगी संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसएससी मामले में गिरफ्तार पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की संपत्ति से संबंधित सारे दस्तावेज अब ईडी की टीम उनके वकील सलीम रहमान को सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक पार्थ चटर्जी के अधिवक्ता ने गत सोमवार को अलीपुर कोर्ट में पेशी के दौरान दावा किया था कि चटर्जी की संपत्ति के रूप में जिन दस्तावेजों का जिक्र किया जा रहा है वे उनके नहीं हैं। ईडी की टीम इस बारे में उनके मुवक्किल को अंधेरे में रख रही है। वे दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जब तक वह सारे दस्तावेज नहीं दिए जाएंगे तब तक स्पष्ट नहीं होगा कि वे संपत्तियां पार्थ चटर्जी की हैं या किसी और की। इसकी जांच अलग से होनी चाहिए। अगर वह संपत्ति उनकी नहीं हुई तो क्या ? इसलिए छानबीन जरूरी है। इसके बाद ही ईडी ने ये सारे दस्तावेज पार्थ के अधिवक्ता को देने का निर्णय लिया है।
ईडी की पहली चार्जशीट में करोड़ों की संपत्ति बतायी गयी है
ईडी ने पार्थ और उनकी करीबी अर्पिता के पास से 49.80 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे और 5.08 करोड़ की ज्वेलरी बरामद की थी। ईडी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब तक 103.10 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। इनमें 40 अचल संपत्ति व 35 बैंक अकाउंट में जमा राशि को अटैच किया गया है। इसके अलावा कोलकाता व आसपास के इलाके में 40.33 करोड़ की कीमत के फ्लैट, फार्म हाउस तथा 7.89 करोड़ रुपये की राशि जो कि 35 बैंक अकाउंट में थी उसे भी अटैच कर लिया गया है। इसके अलावा 31 लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी तथा 201 शेल कंपनियों का पता चला है। ईडी की टीम अभी कई और संपत्तियों को स्कैनर पर रखे हुए है जो कि पार्थ चटर्जी के रिश्तेदारों व अन्य सहयोगियों के नाम पर हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से 2021 के बीच भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी ने भ्रष्टाचार के जरिये ये रुपये लिए थे। एजेंसी का कहना है कि अटैच की गई संपत्ति और बैंक बैलेंस फर्जी कंपनियों के नाम पर थे लेकिन इसका मालिकाना हक पार्थ चटर्जी के पास था और सभी लोग पार्थ के कहने पर इन फर्जी कंपनियों को कंट्रोल कर रहे थे। दावे किए जा रहे हैं कि उनकी संपत्ति बहुत बड़ी है जो गैरकानूनी रुपये से खरीदी गई है लेकिन संपत्ति के दस्तावेज ही नहीं दिए जा रहे हैं। अगर ईडी ऐसा कोई दस्तावेज देती है तो उसे जांचा जाएगा ताकि यह साफ हो सके कि संपत्ति पार्थ की ही है या नहीं।
डिजिटल दस्तावेजों को सौंपेगी ईडी
सूत्रों की माने तो सीडी या हार्ड​ डिस्क में सारे दस्तावेजों को सेव कर इन्हें डिजिटल तरीके से पार्थ चटर्जी के वकील को सौंप दिया जाएगा। पार्थ चटर्जी के खिलाफ कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की गई है उसमें ईडी ने बताया था कि पार्थ की संपत्ति न सिर्फ बंगाल में बल्कि देश व विदेशों में भी है। यहां तक कि कुत्ते के रहने के लिए उन्होंने अलग से एक पूरी बिल्डिंग खरीद रखी थी। उनके वकील ने कहा कि पार्थ चटर्जी को केवल जेल में रखने के लिए केंद्रीय एजेंसी कोई भी जुगाड़ लगा रही है। यहां तक कि ईडी के साथ सीबीआई भी उनके पीछे पड़ी है ताकि चटर्जी जेल में रह सकें जबकि उनके खिलाफ कोई नया तथ्य नहीं मिल रहा है। ऐसे में ईडी ने जो भी तथ्य कोर्ट को दिये हैं, उनकी छानबीन जरूरी है।

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