लापरवाही : गलतियों से भरा है कंटेनमेंट जोन का ठिकाना

बहुमंजिली इमारत को बताया जा रहा बस्ती
बिना संक्रमण वाले ठिकानों को दर्ज किया गया संक्रमित जोन में
लोग कह रहे, जब फिजां में फैला है वायरस तो कंटेनमेंट जोन का फायदा क्या
सोनू ओझा
काेलकाता : कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। बेतरतीब तरीके से मामलों में उछाल आ रहे हैं। प्रशासन भी सख्त हो गया है, कड़ी पाबंदियां लगा दी गयी हैं। कोलकाता को एक बार फिर कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया जा रहा है। हैरत की बात है कि कंटेनमेंट जोन तो बन गये हैं कोलकाता में, मगर लोगों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि अमुक जगह को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। लापरवाही कहें या जल्दबाजी इस बार का कंटेनमेंट जोन का ठिकाना गलतियों से भरा पड़ा है। शायद यही वजह है कि लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं, उन्हें फर्क ही नहीं पड़ रहा ​कि जहां वे बसर कर रहे हैं दरअसल प्रशासन की नजर में वह संक्रमित इलाका है।
बहुमंजिली इमारत को बताया गया बस्ती
कोलकाता के फूलबागान इलाके में तीन जगहों को कंटेनमेंट जोन बताया गया है। उसमें दो जगहों को बस्ती बताया गया है जबकि उल्लेख किए गए पते पर बहुमंजिली इमारत खड़ी है। 190 से 194 मानिकतल्ला मेन रोड और पी 13 सीआईटी रोड कंटेनमेंट जोन की तालिका में बस्ती है। वहां जाने पर पता चला कि ये मकान सालों पुराने हैं, इनकी जगह बस्ती कभी थी ही नहीं।
जहां कोरोना नहीं वह भी बना संक्रमित इलाका
प्रशासन द्वारा जारी कंटेनमेंट जोन की ता​लिका में 190 से 194 मानिकतल्ला मेन रोड को कंटेनमेंट जोन बताया गया है। वहां के लोगों से बात करने पर स्थिति विपरीत ही मिली। लोगों का साफ कहना है कि यहां कोविड का कोई मामला ही नहीं है। न ही प्रशासन-पुलिस की तरफ से कोई ऐसी जानकारी दी या ली गयी है।
सतर्कता से ज्यादा बेफिक्र हो रहे लोग
पी 13 सीआईटी रोड स्थित मकान को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। इस मकान के ठीन नीचे बैरिकेडिंग की गयी है। उसके चंद कदम के बगल में ही एक महिला छाता लगाकर अपनी दुकान सजाए बैठी रहती है। उनसे जब पूछा गया कि आखिर ऐसी लापरवाही वे क्यों कर रही हैं तो जवाब में उन्होंने कहा कि पेट का सवाल है। अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम कर रही हूँ। आगे भगवान की मर्जी, जो होगा उसे स्वीकार करेंगे। इसी तरह बिना मास्क के गुजर रहे वृद्ध से जब पूछा गया कि आखिर उनकी इस लापरवाही के पीछे कारण क्या है तो उन्होंने साफ कह दिया तीन साल से अब आदत हो गयी है। वैक्सीन के दोनों डोज लग गये हैं, पिछली बार कोविड भी हो चुका है इसलिए डर नहीं लगता।
ऐसा कंटेनमेंट जोन कहीं देखा है
ये तीसरी बार है कि कोलकाता को कंटेनमेंट जोन नाम की चादर में ढका गया है। पिछले दो बार में बहुत कुछ साफ था, यह पता था कि कहां कैसे कंटेनमेंट जोन तैयार किया गया है लेकिन इस बार किसी को खबर नहीं हो पा रही है कि कंटेनमेंट जोन की तस्वीर कैसी है। न कहीं नोटिस लगी है, न ही पुलिस तैनात है। कुछ एक जगह पुलिस वाले दिखे भी तो उन लोगों ने अपनी सफाई में कहा कि जैसा हमें निर्देश दिया जाता है हम करते हैं। कंटेनमेंट जोन की तालिका में कुछ पता गलत दर्ज किया गया है जिसकी जानकारी बड़े साहब को दे दी गयी है। बहरहाल गलती कहां हुई या लोग कितने बेपरवाह हाे रहे हैं ये बाद की बात है, असल मुद्दा यह है कि प्रशासन के साथ आम जनता को कोरोना के संक्रमण से बचने के उपाय करना बेहद जरूरी है अन्यथा आ​खिर में हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

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