आग के मुहाने पर खड़ी हैं बड़ाबाजार की कई इमारतें

न जान की परवाह और न दुर्घटनाओं का डर, आराम से रह रहे हैं लोग
हालत ऐसी कि चिंगारी कर सकती है मकान को स्वाहा
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आग का रिश्ता कोलकाता से पुराना है। कोलकाता शहर कई बड़े अग्निकांड का गवाह बन चुका है। जब भी घटना घटती है प्रशासन सकते में आ जाता है, नियम बनने लगते हैं, सरकारी बाबुओं का औचक दौरा शुरू हो जाता है। यहां तक कि लोगों में भी सुरक्षा को लेकर सुगबुगाहट होने लगती है लेकिन जैसे ही आग ठंडी होती है घटना की फाइलों पर भी धूल में जमने लगती है। शायद लोगों को इंतजार होता है दूसरी घटना का। हो भी क्यों न कोलकाता का बड़ाबाजार ऐसा वृहद् इलाका है जो पुरानी इमारतों से पटा है। इमारत भी बाकी जगह की तरह नहीं बल्कि ऐसी जिसे देखते ही मुंह से आवाज निकलने लगे ‘अरे ये क्या यहां तो आग जैसी घटना घटी तो सब कुछ खाक हो जाएगा’।
बड़तल्ला का यह मकान देता है मौत को दावत
खबर में जो तस्वीर दी गयी है वह तो महज उदाहरण मात्र है, जो बड़ाबाजार के वार्ड नंबर 23 के एक आम मकान की असल स्थिति को बयां कर रहा है। मकान में प्रवेेश करते ही सिर पर तारों का बड़ा जंजाल ऐसे छूने लगता है मानो कब आकर आपके ऊपर ही गिर जाए। तारों के बीच लगा मीटर बॉक्स दुर्घटनाओं को दावत देता है। अमूमन यहां के सभी मकानों की दशा एक सी है जहां दमकल के नियम लगभग फेल से प्रतीत होते हैं।
दमकल अधिकारी कहते हैं, पुराने ढांचे में सब संभव नहीं
दमकल के अधिकारियों का कहना है कि खासियतों में कोलकाता कहीं पीछे नहीं है मगर बात जब घटना-दुघर्टना की हो तो कोलकाता की उम्र ही प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परेशानी साबित होती है। खासकर आग जैसी घटनाओं में कोलकाता का 300 साल पुराना होना दमकल विभाग के लिए बड़ा चैलेंज माना जाता है। दमकल विभाग के डीजी रणवीर कुमार ने कहा कि चाहकर भी कोलकाता या कहें बड़ाबाजार की आधारभूत संरचना को बदला नहीं जा सकता, करने लायक है तो सिर्फ व्यवस्था जिसमें दमकल विभाग हमेशा से ही तत्पर रहा है। अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक को अपडेट करने के लिए दमकल विभाग हमेशा ही आगे रहा है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राज्यपाल को लेकर भाजपा ने दी गृह मंत्रालय को रिपोर्ट

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : गत नवम्बर महीने में पश्चिम बंगाल के स्थायी राज्यपाल बने डॉ. सी. वी. आनंदा बोस के बारे में भा​जपा नेताओं ने सोचा आगे पढ़ें »

सागरदिघी उपचुनाव के लिए हुआ कांग्रेस और वाम का समझौता

सागरदिघी उपचुनाव के लिए हुआ कांग्रेस और वाम का समझौता सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद उपचुनावों में भी वाम-कांग्रेस का समझौता आगे पढ़ें »

ऊपर