ईडी के शिकंजे से बचने के लिए मानिक की पत्नी व बेटे ने कोर्ट में किया आत्म समर्पण

मुख्य बातें
7 को होगी सुनवायी, मिलेगा बेल कि जाएंगे ईडी हिरासत में
पार्थ व अर्पिता को भी 7 तक हिरासत
अर्पिता ने जज से कहा, उन्हें दूसरे सेल में रखा जाए
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसएससी मामले में बार – बार तलब किये जाने पर भी ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर ईडी ने मानिक भट्टाचार्य के परिजनों के खिलाफ शिकंजा बढ़ा दिया है। इस मामले में ईडी की टीम ने इनके खिलाफ कोर्ट से समन जारी कर उनके खिलाफ कोर्ट से कार्रवाई की अपील की। इसके बाद शनिवार को बैंकशॉल कोर्ट में मानिक भट्टाचार्य की पत्नी सतरूपा व उनके बेटे सौभिक भट्टाचार्य ने आत्मसमपर्ण किया। इस दिन मानिक भट्टाचार्य को भी कोर्ट में पेश किया गया। इस दिन उनके अलावा तापस मंडल भी कोर्ट में पेश हुए थे। इन सबका ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में भी नाम दिया गया है। चार्जशीट के मुताबिक पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विभिन्न निजी बीएड और डीएलएड और शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों को नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट देने के लिए प्रति कॉलेज 6 से 8 लाख रुपये लिए थे। प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष व तृणमूल विधायक मानिक भट्टाचार्य को 2 से 5 लाख रुपये मिलते थे। ईडी के वकील ने कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की और दावा किया कि शुरुआत में तापस मंडल ने फंड इकट्ठा किया था।
तीनों की ओर बेल की अपील की सुनवायी होगी 7 को
कोर्ट में पेशी के बाद उनके वकील ने मानिक की पत्नी सतरूपा भट्टाचार्य और बेटे सौभिक भट्टाचार्य तथा तापस मंडल को जमानत देने के लिए कोर्ट से अपील की। इस दौरान ईडी की टीम ने इसके काउंटर रिप्लाई के लिए 2 सप्ताह का समय मांगा। इस पर जज ने इस मामले में अगली सुनवायी 7 फरवरी को करने का फैसला किया। इसके साथ ही मानिक भट्टाचार्य को कोर्ट में पेश किया गया था, उनके मामले में सुनवायी करते हुए जज ने उन्हें भी 7 फरवरी तक की जेल हिरासत में भेज दिया। मानिक भट्टाचार्य को अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले तापस से ईडी की टीम ने कई बार पूछताछ की थी। हाल ही में सीबीआई की टीम ने भी तापस मंडल से इसी मामले में पूछताछ की है। इसमें तापस ने कहा है कि उन्होंने जो कुछ किया है, वह मानिक के निर्देश पर ही किया है।
पार्थ व अर्पिता की वर्चुअली पेशी
एसएससी मामले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी व उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को कोर्ट में वर्चुअली पेश किया गया था। इस मामले में उन्हें भी 7 फरवरी तक के जेल में रखने का ​आदेश दिया गया है। इधर वर्चुअल पेशी के दौरान अर्पिता ने जज ने उनके सेल को बदलने की अपील की। उनका कहना था कि उनका सेल रहने लायक नहीं है, इसलिए उसे बदल दिया जाए। पार्थ चटर्जी की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण दोनोें की ही वर्चुअल पेशी की गयी थी। ईडी द्वारा दायर चार्जशीट में तापस मंडल का नाम देने के बाद उनकी मुश्किलें भी बढ़ गयी है।
मानिक की​ पत्नी व बेटे को इसलिए चपेटे में लेना चाहती है ईडी
159 पेज के सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ईडी ने आगे दावा किया कि 2018 से 2022 तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर कुल 20 करोड़ 73 लाख रुपये वसूले गए। किसका पैसा किसके पास गया? इसे समझाने के लिए, चार्जशीट में ऐसे चार्ट दिखाए गए हैं, जहां दावा किया गया है कि मानिक के करीबी एस. भट्टाचार्य और एच. भट्टाचार्य के खातों के जरिए दूसरों के खातों में लाखों रुपये जमा किए गए थे। इनमें मानिक भट्टाचार्य की पत्नी शतरूपा भट्टाचार्य, बेटे सौभिक और उनके दिवंगत रिश्तेदार मृत्युंजय चट्टोपाध्याय के खाते हैं। अंत में सारा पैसा मानिक की पत्नी व बेटे सहित अन्य रिश्तेदारों के अकाउंट में गया है।

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