

अभिषेक ने कहा, अगर चुनाव आयोग वाकई पारदर्शी है, तो सिर्फ 10 सांसदों से किस बात का डर है?
चुनाव आयोग ने तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय 28 नवंबर को सुबह 11 बजे दिया है
सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चुनाव आयोग ने तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय 28 नवंबर को सुबह 11 बजे दिया है एवं 10 के बजाय 5 सांसदों के साथ बैठक की अनुमति दी है। एसआईआर को लेकर दिल्ली तक आंदोलन की चुनौती पहले ही दी गयी थी, अब तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आयोग के सामने एक नई चुनौती पेश की है। उनकी चुनौती है कि अगर आयोग पारदर्शी तरीके से एसआईआर कर रहा है, तो उसे कैमरे के सामने तृणमूल सांसदों के सभी सवालों का जवाब देना चाहिए। अगर चुनाव आयोग वाकई पारदर्शी है, तो सिर्फ़ 10 सांसदों से किस बात का डर है? हमारे पास पांच सवाल हैं। लाइव टेलीकास्ट पर इन पांच सीधे सवालों के जवाब दीजिए।
अब सदस्यों को लेकर हो सकती है तकरार
सोमवार को अभिषेक बनर्जी ने ऐलान किया था कि इस बार तृणमूल दिल्ली के बीचों-बीच एसआईआर विरोधी आंदोलन छेड़ेगी। इसके लिए अभिषेक ने 10 सांसदों की एक टीम बनाई जो चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगी। हालांकि सिर्फ पाँच सांसदों को समय दिया गया है। बताया गया है कि पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय में जाकर उनसे मुलाकात कर सकता है। आयोग शुक्रवार यानी 28 नवंबर को सुबह 11 बजे तृणमूल कांग्रेस से बातचीत करेगा। आयोग कार्यालय में कौन-कौन जायेंगे उनका नाम बताना हाेगा। वहीं घोषित कार्यक्रम के अनुसार 10 सांसदों की टीम चुनाव आयोग कार्यालय जायेगी। उस स्थिति में तनातनी की स्थिति फिर से उत्पन्न हो सकती है। तृणमूल ने दस सांसदों के नाम तय कर लिये हैं इनमें डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी राय, कल्याण बनर्जी, डोला सेन, प्रतिमा मंडल, साजदा अहमद, ममताबाला ठाकुर, महुआ मोइत्रा, साकेत गोखले तथा प्रकाशचिक बड़ाइक शामिल हैं।