कोलकाता : गूगल पर आप भी सर्च करते ये चीजें तो हो जाएं अलर्ट !

गूगल पर फर्जी विज्ञापन देकर ठग बना रहे हैं लोगों को शिकार
किसी ने बैंक तो किसी ने फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी का नंबर दे रखा है
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अगर आप भी हेल्पलाइन नंबर का उपयोग गूगल से नंबर निकालकर कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। इन दिनों साइबर अपराधी इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर और हेल्पलाइन नंबर का जाल बिछाए बैठे हैं। ‘बैंक कस्टमर्स केयर का नंबर चाहिए या फिर किसी ट्रांसपोर्ट कंपनी का नंबर? अरे भाई गूगल कर लो ना…’ इस तरह की सलाह लोग अक्सर दे जाते हैं। सिर्फ बैंक या ट्रांसपोर्ट कंपनी का ही नहीं बल्कि किसी भी संबंध में जब हम किसी से पूछते हैं तो पहला जवाब होता है गूगल पर सर्च कर लो। गूगल या फिर इंटरनेट ने हमारी लाइफ को कई तरह से आसान तो बनाया। लेकिन इनके साथ कुछ चुनौतियां भी आ गईं। ऑनलाइन फ्राड में आमतौर पर देखा जाता है कि ठग खुद फोन कर जाल में फंसाते हैं। अब तो कस्टमर खुद ही ठगों को फोन कर रहे हैं। उनके जाल में आसानी से फंस जा रहे हैं। लाखों रुपये गवां दे रहे हैं। हाल ही में महानगर में कई ऐसी घटनाएं घटी, जिसमें गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करना लोगों को महंगा पड़ गया।
फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी के नंबर पर फोन कर गंवाया था कार और 8 हजार रुपये
पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले जोड़ाबागान के गंगानारायण दत्ता लेन की रहनेवाली करिश्मा यादव ने शिकायत दर्ज करायी कि उसके पति चेन्नई में काम करते हैं। उनकी एक कार है जिसे उसके पति ने झारखंड से लाकर कोलकाता में रखा था। महिला उसे चेन्नई भेजना चाहती थी, इसल‌िए गूगल पर दिए गए एक ट्रांसपोर्ट एजेंसी के नंबर पर फोन कर महिला ने कार को चेन्नई भेजने के लिए बुक किया। महिला का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट एजेंसी के व्यक्ति ने कार को चेन्नई भेजने के नाम पर उससे 8 हजार रुपये लिये और उसके घर से कार ले गया। दो दिन बाद महिला को फोन कर वे लोग कार को चेन्नई भेजने के नाम पर 43 हजार रुपये मांगने लगे। रुपये न देने पर कार उसे वापस नहीं लौटाने की धमकी दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तपसिया से जालसाज को गिरफ्तार किया।
ट्रैवलर बुक करने के नाम पर महिला से ठगे रुपये
कुछ दिनों पहले सॉल्टलेक की रहनेवाली एक महिला ने पिकनिक पर जाने के लिए गूगल पर ट्रैवल कंपनी का नंबर सर्च किया। गूगल पर दिए गए ट्रैवल कंपनी के फोन नंबर पर कॉल करने पर महिला से एडवांस के तौर पर 5 हजार रुपये ले लिया। आरोप है कि रुपये लेने के बाद जालसाज ने महिला को वाहन नहीं मुहैया कराया और अपना फोन नंबर भी बंद कर लिया ।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन तरीकों को अपनाएं :
1. अंजान नंबर से कॉल करने वाला अपने आप को बैंक अधिकारी बताए तो उसके साथ बैंक डिटेल शेयर न करें।
2. मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग के दौरान ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें।
3. डेबिट, क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी दूसरे को न बताएं।
4. मोबाइल पर ऐसी कोई एप्लिकेशन डाउनलोड न करें जिस पर निजी जानकारी मांगी जा रही हो।
5. इंटरनेट मीडिया पर किसी दिखाई जाने वाली एड नौकरी, आनलाइन पैसा कमाने जैसे झांसे में न आएं।
6. मोबाइल पर आने वाले अंजान लिंक को क्लिक न करें। इससे आपकी पर्सनल जानकारी दूसरे के पास जा सकती है।

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