इशरत की उठनी थी डोली मगर होनी को यह मंजूर नहीं था

सन्मार्ग संवाददाता
इस्लामपुर : पानीपत के परशुराम कॉलोनी में परिवार संग जिंदा जली इशरत की डोली उठने वाली थी मगर मौत ने उसे बुला लिया। इशरत परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। मारे गये लोगों के नाम मोहम्मद करीम (40), उनकी पत्नी अफरोज बेगम (35), उनकी दोनों बेटियां रेश्मा (12), इसरत जहां (17), दो बेटे अब्दुस (7) व अफरान (5) हैं। यह परिवार उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर थानांतर्गत गाईसाल एक नंबर ग्राम पंचायत की जाकीर बस्ती इलाके का निवासी था। ये लोग पानीपत में किराये के मकान में रहते थे। दाे साल पहले ही यह परिवार वहां गया था। इशरत एक महीना पहले ही वहां गयी थी। परिवार में खुशियां आने के बदले ऐसा हुआ कि पूरा परिवार खत्म हो गया। जानकारी के मुताबिक इशरत की शादी की बात चली और मां-बाप एक महीने पहले ही उसे पानीपत ले आये। उन्होंने सोचा कि बेटी को यहां लाकर रिश्ता पक्का करेंगे मगर होनी को यह मंजूर नहीं था।
गुरुवार की सुबह करीब 6 बजे पानीपत में गैस सिलेंडर के विस्फोट होने पर आग लगने से इनलोगों की झुलस कर मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। गाईसाल एक नंबर पंचायत सदस्य की प्रतिनिधि कायसार इमाम घटनास्‍थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा दंपति खादी वस्‍त्र की बुनाई करता था। पति-पत्नी पिछले दो सालों से पानीपत में जाकर काम कर रहे थे। वहीं पर यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कैसे यह घटना घटी, उन्हें नहीं मालूम। इधर, मृतकों के परिजन शवों को गांव लाने के प्रयास में जुट गये हैं।

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