रथ यात्रा में अब पुरी के बजाय उत्तर कोलकाता के इस मंदिर से ही करें महाप्रभु के दर्शन

कोलकाताः पुरी के श्री जगन्नाथ देव के मंदिर की शैली में उत्तर कोलकाता में श्री जगन्नाथ देव का 32 फीट लंबा मंदिर स्थापित किया जा रहा है। इस मंदिर का द्वार पुरी मंदिर के द्वार की शैली में बनाया जा रहा है। पुरी के मंदिर में श्री जगन्नाथ देव की मूर्तियां बनाने वालों के वंशज ही यहां की भी मुर्तियों का निर्माण करेंगे। इस मंदिर में श्री जगन्नाथ देव की पांच फीट की मूर्ति होगी। उत्तर कोलकाता में तृणमूल के जय हिंद वाहिनी के सह-अध्यक्ष प्रताप देबनाथ ने ऐसा करने की मन्नत मांगी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने मन्नत मांगी थी कि यदि साधन पांडे क्षेत्र से नौवीं बार विधायक चुने जाते हैं तो वे मंदिर का निर्माण करवायेंगे। वह मन्नत अब पूरी हो गई है। फलस्वरूप यह मंदिर पुरी वास्तुकला की शैली में बनाया जा रहा है। कई प्रशंसक कोरोना के लिए पुरी नहीं जा पा रहे हैं। नाही रथ यात्रा में शामिल हो सकेंगे। वे सभी भक्त इस मंदिर में आकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। यहां श्री जगन्नाथ महाप्रभु को बावन भोग अर्पित किए जाएंगे। मंदिर के शिल्पकार मिंटू पाल हैं, जो अपनी महान दुर्गा के लिए प्रसिद्ध हैं। आज मंगलवार को क्रेन से मंदिर के शिखर की स्थापना की गई।

 

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