3 किलोमीटर तक रक्तरंजित पत्नी को लेकर इधर-उधर घूमता रहा पति

* कार का रुकना और बदमाशों का आना इत्तेफाक या साजिश ?
* शक के घेरे में रिया का पति, दोनों एंगल से पुलिस कर रही है जांच
सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : अभिनेत्री व यूट्यूबर रिया कुमारी की हत्या के बाद पति प्रकाश कुमार से घंटों पूछताछ कर रही है। कार का रूकना और फिर बदमाशों का आना इत्तेफाक है या फिर साजिश इसके लेकर पुलिस जांच में लगी है। प्रकाश के मुताबिक, उसे अचानक नेचर्स कॉल आया और उसने महिषरेखा ब्रिज के पास कार रोक दी। जब वह कार से निकला तो अचानक तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। वे सभी हथियार के साथ थे। प्रकाश का दावा है, उस वक्त रिया ने कार से उतरकर उन्हें रोकने की कोशिश की, परंतु उन लोगों ने रिया को लक्ष्य कर गोली चला दी। उसके कान के पास गोली लगी और वह लहूलुहान हो गयी।
अस्पताल नहीं जाकर इधर-उधर घूमता रहा : प्रकाश ने बताया कि उसने पत्नी को गाड़ी में बैठाया और रोड पर करीब 3 किलोमीटर तक लेकर इधर-उधर घूमता रहा। उसके बाद वह पीरतल्ला पहुंचा और लोगों को इसकी जानकारी दी। तभी पुलिस पहुंची और रिया को मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि पुलिस ​अधिकारियों का कहना है कि उसे घायल प​त्नी को अस्पताल ले जाना था मगर वह इधर-उधर क्यों घूम रहा था। विशेष रूप से, एक ही समय पर ​ब्रिज के निकट गाड़ी रुकती है और उसी दौरान अपराधी आ जाते हैं। ये दोनों घटनाएं इत्तेफाक हैं या इसके पीछे कोई और रहस्य है इसकी जांच की जा रही है।
गाड़ी में नहीं मिले खून के निशान : जब फाॅरेंसिक टीम द्वारा प्रकाश की गाड़ी की जांच की गयी है। इसमें कार में खून के निशान नहीं मिले हैं। साथ ही घटनास्थल से गोली की खोल नहीं मिली। इसी दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार का शीशा बंद था। प्रकाश ने दावा किया कि लुटेरों ने बाहर से फायरिंग की। फिर सवाल यह रहता है कि कार का शीशा कैसे ठीक था।
दम्पति के आपसी संबंध थे कैसे? : साथ ही कई कारणों से मृतका के पति प्रकाश की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं। कैसे थे कपल के बीच संबंध? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई वैवाहिक विवाद तो नहीं है।

प्रकाश का होगा जीएसआर : पुलिस प्रकाश कागनशॉट रिड्यूस टेस्ट (जीएसआर) करेगी। जीएसआर का अर्थ यह निर्धारित करने के लिए एक मानक तरीका है कि आग्नेयास्त्र का उपयोग किया गया है या नहीं। जीएसआर विश्लेषण के लिए कण आमतौर पर 0.5 से 10 माइक्रोन तक होते हैं। अक्सर एक स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप में ईडीएस का उपयोग करके प्राइमर पार्टिकल (पीबी), बेरियम (बीए) और एंटीमनी (एसबी) कणों का पता लगाया जाता है और उनका विश्लेषण किया जाता है।

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