राज्यपाल के शपथ ग्रहण में सीट को लेकर रोष, राजभवन नहीं गये विपक्ष के नेता

कहा, सुकांत को भी पीछे की सीट देकर किया गया अपमानित
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बुधवार को राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के पहले ही दिन राज्य की राजनीति में सत्ताधारी पार्टी और विपक्षी पार्टी के बीच के संबंधों की भनक राज्यपाल को लग गयी। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा छोड़ तृणमूल में जाने वाले जनप्रतिनिधियों के पास विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को बैठने की सीट दी गयी थी। इस कारण शुभेंदु अधिकारी राजभवन में नहीं गये। इसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला भी बोला। शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें गीता पुस्तक व एनएचआरसी की कॉपी भेंट की। राजभवन से निकलकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्हें जान-बूझकर अपमानित करने की कोशिश की गयी। वहीं आमंत्रण पाकर राजभवन में आकर भी ‘अपमानित’ होने का आरोप लगाकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद सुकांत मजूमदार भी शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गये।
इधर, राजभवन से निकलकर शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें पूर्ण मंत्री के समान महत्व का अधिकार है। इस हिसाब से शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उन्हें पहली कतार में रहना चाहिये था, लेकिन दूसरी कतार में उनकी सीट आवंटित की गयी। वहीं सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि तृणमूल के सांसदों को आमंत्रण मिलने पर भी भाजपा सांसदाें को नहीं बुलाया गया। तृणमूल के सांसद उस शपथ ग्रहण समारोह में थे और किसी-किसी को पहली कतार में भी जगह दी गयी थी, यह देखते हुए राजभवन में घुसने के समय ही सुकांत ने भी शपथ ग्रहण का बॉयकट किया। वहीं पूर्व विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने कहा, ‘विपक्ष के नेता के तौर पर पहली कतार में ही बैठने दिया जायेगा, ऐसा कोई निर्दिष्ट नियम नहीं है। हालांकि यह रीति काफी समय से चली आ रही है, इसे कायम ना रखकर ठीक नहीं किया गया। पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के शपथ ग्रहण समारोह के दिन मुझे पहली कतार में बैठने को दिया गया था।’
बुधवार को डॉ. बोस के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में विशिष्टजनों को बैठाने केे तहत पहली कतार में सबसे पहले मुख्यमंत्री की सीट थी। उनके दाहिने विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी, कोलकाता के मेयर व राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम, मंत्री अरूप विश्वास व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य की सीट थी। पहली कतार में ही तृणमूल के 3 सांसदों सुदीप बंद्योपाध्याय, माला राय व कल्याण बनर्जी को जगह मिली थी। यहां उल्लेखनीय है कि राज्यपाल का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में होने पर भी इसका आयोजन राज्य के तथ्य व सांस्कृतिक विभाग द्वारा किया जाता है जो सीएम के अधीन है। ऐसे में भाजपा के एक वर्ग का कहना है कि उक्त विभाग के निर्देश पर ही इस प्रकार से सीटों का आवंटन किया गया है।

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