महानगर के सीसीटीवी कैमराें का ऑप्टिकल फाइबर कटा मिले तो दर्ज करें एफआईआर

लालबाजार ने सभी थाना प्रभारियों को दिया निर्देश
अगर किसी जगह पर कैमरा खराब मिला तो ओसी को देना होगा जवाब
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : केंद्र सरकार की ‘निर्भया’ परियोजना के तहत महानगर में लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे कोलकाता में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कभी-कभी उन सभी कैमरों के खराब होने का आरोप लगाया जाता है। इसका मुख्य कारण ऑप्टिकल फाइबर केबल का जगह-जगह बार-बार कट जाना है। उक्त फाइबर को किसने और किस मकसद से काटा है, इसको लेकर पुलिस अंधेरे में रहती है। इस समस्या से निपटने के लिए लालबाजार के अधिकारियों ने सभी थाने के ओसी को निर्देश दिया है कि अब से ऑप्ट‌िकल फाइबर चोरी होने पर मामला दर्ज करना होगा। इसके साथ ही लालबाजार ने सभी थाना प्रभारियों को इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की देखरेख करने को कहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले सप्ताह कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल ने हाल ही में संपन्न हुए मासिक क्राइम मीटिंग के दौरान ‘निर्भया’ प्रोजेक्ट के तहत शहर में लगाए गए कैमरों पर चर्चा की। वहीं, लालबाजार के वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को निर्भया प्रोजेक्ट के तहत लगे सभी कैमरों की जांच के निर्देश दिए।
स्कूल, कॉलेज और बस स्टैंड के निकट लगे हैं 1000 कैमरे
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘निर्भया’ परियोजना के पैसे से शहर भर में लगभग 1000 कैमरे लगाए गए हैं। उन सभी सीसीटीवी कैमरों से मुख्य रूप से बालिका विद्यालयों एवं कॉलेज तथा विभिन्न आबादी वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। उस कैमरे को लगाने के लिए कोलकाता पुलिस की ओर से ऑप्टिकल फाइबर केबल का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन बार-बार असामाजिक तत्व केबल काट दे रहे हैं। नतीजतन कैमरा बेकार हो जाता है। पुलिस जरूरत के समय उस कैमरे की फुटेज नहीं जुटा पाती है। पुलिस के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल क्यों और कौन काट रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं रहती है। इसलिए लालबाजार ने अब सीसीटीवी कैमरे की केबल कटने पर ही ओसी को केस दर्ज कर जांच शुरू करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, पहले अगर कैमरा खराब हो जाता था या किसी ने केबल काट दी होती थी तो उसे रिपेयर कर दिया जाता था, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता था।
लालबाजार ने कहा कि सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा थानों के कैमरे भी सक्रिय हों, इसके लिए उन्होंने पहल की है। मुख्य रूप से पुलिस कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन, कुछ थानों के खिलाफ शिकायत मिली है क‌ि वे कई बार सीसीटीवी कैमरे बंद रख रहे हैं। नतीजतन, उस समय थाने में क्या हो रहा था, यह पता नहीं चल पाता। लालबाजार इस प्रवृत्ति को बंद करना चाहता है। इसलिए थानों को कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। कैमरे को किसी भी तरह से बंद नहीं किया जा सकता।

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