नंदीग्राम में कुणाल घोष के सामने टीएमसी के 2 गुटों के बीच जमकर हाथापाई

नंदीग्राम: तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष के सामने ही टीएमसी के 2 गुटों के बीच जमकर हाथापाई हो गयी। घटना गुरुवार को पूर्व मिदनापुर जिला अंतर्गत नंदीग्राम में हुयी है। नंदीग्राम में भूमि आंदोलन की वर्षपूर्ति पर भूमि उच्छेद प्रतिरोध कमेटी की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए इस दिन यहां एक सभा का आयोजन किया गया। जहां कुणाल घोष भी मौजूद रहे। इस सभा के दौरान ही टीएमसी के 2 गुट आपस में भिड़ गए तथा तृणमूल कर्मियों के बीच जमकर हाथापाई हो गयी। जिससे सभा के दौरान वहां अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गयी। भाजपा छोड़कर कुछ दिनों पहले टीएमसी में आने वाले कई नेताओं और तृणमूल नेता शेख सूफियान को सभा मंच पर बैठाए जाने का तृणमूल कांग्रेस के दूसरे गुट के लोगों ने जमकर विरोध किया। वहीं टीएमसी की जिला कमेटी के चेयरमैन पीयुष भुइयां को मंच पर स्थान नहीं दिए जाने के विरोध में भी उनके समर्थकों ने जमकर बवाल काटा। पीयूष भुइयां के साथ भूमि आंदोलन में शहीद होने वाले लोगों के परिजनों को मंच पर नहीं बैठाए जाने के खिलाफ टीएमसी के कई कर्मी गुस्से में आगबबूला हो उठे। बवाल करने वाले टीएमसी के कर्मियों ने शेख सूफियान और भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल कुछ नेताओं को मंच से नीचे उतारने की मांग भी उठायी। जिसे लेकर टीएमसी कर्मियों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गयी। इस सभा के दौरान हुए भारी बवाल से कुणाल घोष भी क्रोधित हो गए। उन्होंने बवाल करने वाले टीएमसी कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि उन लोगों ने अशांति करना बंद नहीं किया तो यही समझा जाएगा वह लोग किसी दूसरी पार्टी के उकसावे पर यहां आकर अराजकता उत्पन्न कर रहे हैं। आखिरकार किसी प्रकार बवाल शांत होने के बाद कुणाल घोष शहीद बेदी के सामने पहुंचे तथा वहां माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धाजंलि दी। इस दौरान अपने वक्तव्य में कुणाल घोष ने नंदीग्राम के विधायक और राज्य विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेन्दु अधिकारी की खूब आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ही यह चाहती थी कि नंदीग्राम से शुभेन्दु अधिकारी को खड़ा कर विधानसभा में लाया जाए। आज शुभेन्दु मैं मैं की रट लगाए घूमते फिर रहे हैं। टीएमसी नहीं चाहती तो शुभेन्दु नंदीग्राम में घुस ही नहीं पाते। एक बार केंद्रीय वाहिनी को हटाकर देख लो सब समझ में आ जाएगा।

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