अदालत में धरना देने की धमकी भी नहीं आयी काम, पार्थ को 14 दिनों की जेल हिरासत

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जमानत के लिए हजार अनुरोध, अदालत में धरना देने की बात कहने का भी लाभ नहीं हुआ। एसएससी नियुक्त‌ि घोटाला मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को 14 दिनों के लिए जेल हिरासत में भेज दिया गया। गुरुवार को अलीपुर जजेस कोर्ट स्थित विशेष सीबीआई अदालत के जज ने यह आदेश दिया है। पार्थ चटर्जी के अलावा सुबिरेश भट्टाचार्य, कल्याणमय गंगोपाध्याय सहित 7 लोगों को भी 14 दिनों के लिए जेल हिरासत में भेज दिया गया। आगामी 3 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होगी। गुरुवार को पार्थ चटर्जी के वकील सलीम रहमान ने बॉलीवुड फिल्म जॉली एलएलबी के प्रसंग को अदालत में टानते हुए कहा कि उन्हें भी अब अपने मुवक्किल को जमानत द‌िलाने के लिए अदालत में धरना देने के अलावा और कोई उपाय नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही वकील ने कहा कि सीबीआई हमेशा वृहत्तर षड्यंत्र की बात कह रही है लेकिन इसे लेकर कोई प्रमाण नहीं दे पा रही है। सीबीआई को प्रमाण दिखाने में और कितने दिन का समय लगेगा? इसे लेकर पार्थ के वकील ने सवाल किया। सलीम ने अदालत में कहा कि कोई न्याय नहीं मिल रहा है। सीबीआई पूरे विषय को दबाने की कोशिश कर रही है। बार-बार सिर्फ बड़ी साजिश की बात हो रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। हिरासत में लेने के लिए ही बयान दर्ज किया जाएगा! मुझे नहीं पता कि सीबीआई को क्या नया सबूत मिला है। मामला हमेशा के लिए नहीं चल सकता।” सीबीआई की विशेष अदालत में सलीम ने यह भी दावा किया कि यह देखना विभाग की जिम्मेदारी है कि कौन पात्र है और कौन पात्र नहीं, न कि उसका मुवक्किल। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीबीआई सारा दोष उनके मुवक्किल पर डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लेन-देन की बात हो रही है लेकिन पार्थ के पास से एक पैसा भी बरामद नहीं हुआ है। अगर ऐसा है तो पार्थ का उस पैसे से क्या संबंध है, यह भी सवाल उठता है। पार्थ के वकील सलीम ने कहा, ‘इसके बाद मेरे पास न्याय पाने के लिए फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ की तरह धरना देने के अलावा कोई चारा नहीं है।’ एसपी सिन्हा के वकील संजय दासगुप्ता ने भी यही दावा किया। संजय ने कहा, ”जांच में कोई तेजी नहीं है। आरोपी को बार-बार प्रभावशाली बताया जा रहा है, लेकिन वह प्रभावशाली नहीं है। बताया जाता है कि इस मामले में 381 में से 10 लोगों को नियमित नौकरी मिली थी। क्या यह संख्या बहुत अधिक है?” राज्य के पूर्व शिक्षा और उद्योग मंत्री पार्थ स्कूल शिक्षक भर्ती मामले में आरोपी हैं। भर्ती भ्रष्टाचार मामले में आरोपी पार्थ वर्तमान में प्रेसिडेंसी जेल में कैद हैं। गुरुवार को मामले की सुनवाई के लिए उन्हें अलीपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत में ले जाया गया। उन्हें अलीपुर में इस न्यायाधीश की अदालत में कई अन्य लोगों के साथ ले जाया गया, जो एसएससी नियुक्त‌ि घोटाले के विभिन्न आरोपों में प्रेसिडेंसी जेल में कैद थे। सुबिरेश भट्टाचार्य, कल्याणमय गंगोपाध्याय, शांतिप्रसाद सिन्हा और यहां तक ​​कि दो बिचौलिए प्रसन्ना रॉय और प्रदीप सिंह भी थे। पार्थ समेत सभी को 2 फरवरी तक जेल में भेजने का आदेश दिया गया है।

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