दुर्गापूजा के एक महीने बाद भी महानगर के कुछ इलाकों में अब भी नहीं खोले गए पंडाल के ढांचे

होर्डिंग के लिए लगाए लगे बांस के ढांचो से पटा पड़ा है दक्षिण कोलकाता
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महीने भर का वक्त होने को चला लेकिन अब भी महानगर के कई इलाकों में दुर्गापूजा के पंडालों को खोलने का काम पूरा नहीं किया गया है। बेलियाघाटा में एक पंडाल का ढांचा अब भी जस का तस खड़ा है। हेमचंद्र नस्कर रोड और सीआईटी रोड के चौराहे पर खड़ी इस पंडाल के कारण लोगों को ट्रैफिक रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है। दुर्गापूजा के त्योहार को सम्पन्न हुए 38 दिन बीत चुके हैं। लेकिन आज भी महानगर के कई इलाकों में पंडाल का ढांचा खड़ा मिलेगा। जिसके कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहीं ये पंडाल किसी बैंक के सामने तो कहीं किसी कार्यालय और आवासन के सामने स्थित हैं। इन पंडालों के कारण वाहन चलाने और पार्किंग की परेशानी उठानी पड़ रही है तो कहीं लोगों को खिड़कियां बंद कर रहना पड़ रहा है। सड़क पर पड़े बांस, रस्सी और काठी के कारण राहगीरों को यातायात करने में दिक्कते उठानी पड़ रही है। कसबा, कलिकापुर और रासबिहारी के कुछ इलाकों में भी ऐसी ही स्थिति है। दूसरी तरफ कालीपूजा के पंडाल को नहीं खोलने के कारण अमहर्स्ट स्ट्रीट के सीतारम घोष लेन और बहुबाजार में राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर के विभिन्न इलाकों में विज्ञापन के लिए लगाए गए बांस के ढांचे अभी भी नहीं हटाए गए हैं। बारिश के कारण इन ढांचों में पानी जम जाना से डेंगू का खतरा भी बना रहता है। तो वहीं मौशम के प्रभाव से बांस के ढांचे को सहारा दे रही रस्सी और कपड़ों के कमजूर होने से किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है।

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