चुनाव आयोग ने की सर्वदलीय बैठक, सभी पालिकाओं में चुनाव कराने की उठी मांग

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सोमवार को राज्य चुनाव आयोग द्वारा सर्वदलीय बैठक की गयी जिसमें तृणमूल, माकपा व कांग्रेस के नेता मौजूद थे। बैठक में मुख्य रूप से कोलकाता व हावड़ा नगर निगम के चुनाव का दिन घोषित करने की मांग के साथ ही बाकी सभी नगर निगमों और पालिकाओं में चुनाव करवाने की मांग की गयी। विपक्ष का कहना था कि अगर कोलकाता और हावड़ा में निगम चुनाव हो सकते हैं तो फिर बाकी जगहों पर क्यों नहीं ? इसके अलावा विपक्ष की ओर से कोलकाता व हावड़ा निगम का चुनाव जल्द घोेषित करने की मांग की गयी क्योंकि संभावित तारीख 19 दिसम्बर होती है तो फिर उम्मीदवारों के पास प्रचार के लिए काफी कम समय बचा रहेगा। बैठक में तृणमूल की ओर से तापस राय व देवाशीष कुमार, भाजपा की ओर से अर्जुन सिंह व राजू बनर्जी, माकपा की ओर से रोबिन देव व कांग्रेस की ओर से प्रशांत दत्ता और आशुतोष चटर्जी मौजूद थे।
72 घण्टे पहले खत्म करना होगा प्रचार
सर्वदलीय बैठक में ईवीएम, एमसीसी समेत अन्य चुनावी तैयारियों पर चर्चा की गयी। इसके अलावा मतदाता सूची में संशोधन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कोविड नियमों को मानते हुए किस प्रकार प्रचार करना है, इस पर सुझाव लिये गये। सूत्रों के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग द्वारा कहा गया है कि शाम 7 से अगले दिन सुबह 10 बजे तक माइक से प्रचार नहीं किया जा सकेगा। वहीं 72 घण्टे पहले चुनाव प्रचार खत्म करना होगा। सुबह 7 से शाम 5 बजे तक मतदान का समय रहेगा।
केवल हावड़ा और कोलकाता में ही चुनाव क्यों
भाजपा की ओर से बैठक में मौजूद अर्जुन सिंह व राजू बनर्जी ने सवाल किया कि केवल हावड़ा और कोलकाता में ही चुनाव क्यों हो रहे हैं ? इस कारण नगरपालिकाओं के लोग परिसेवाओं से वंचित हो रहे हैं। बाकी की पालिकाओं में भी चुनाव करवाया जाना चाहिये, अगर कोविड का हवाला दिया जा रहा है तो फिर ईडेन गार्डेन्स में मैच कैसे कराया गया ? राजू बनर्जी ने बताया कि चुनाव बाद हिंसा का जिक्र भी बैठक में किया गया और निगम चुनाव में केंद्रीय वाहिनी की मांग की गयी। उन्होंने सवाल किया कि गत विधानसभा चुनाव के बाद से राज्य में जिस प्रकार चुनाव बाद हिंसा हुई, ऐसे में बगैर केंद्रीय वाहिनी के इस चुनाव में कुछ नहीं होगा, इसकी गारंटी क्या चुनाव आयोग लेगा ? वहीं हावड़ा से बाली के अलग होने के बाद अब हावड़ा में नये सिरे से डिलिमिटेशन और आरक्षण का भी मुद्दा उठा।
चुनाव आयोग को खुद ही स्पष्ट नहीं है स्थिति
बैठक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे आशुतोष चटर्जी ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग को खुद ही स्थि​ति स्पष्ट नहीं है। उसे खुद नहीं पता कि कब और कैसे चुनाव करवाना है। अगर 19 दिसम्बर को चुनाव होते हैं तो इसकी घोषणा कब होगी ? इतने कम समय में प्रचार से लेकर बैनर व पोस्टर लगवाने का काम किस तरह किया जाएगा ? इसके अलावा हावड़ा में आरक्षण सूची भी अब नये सिरे से नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव में भी विधानसभा चुनाव के तर्ज पर चुनाव करवाये जाने चाहिये ताकि लोगों को पता चल सके कि उन्होंने किसे वोट दिया है।

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