हिरासत में लेते ही कुन्तल से ईडी ने शुरू की पूछताछ

किसमें -किसमें बंटे 30 करोड़ ? ईडी का सवाल
मानिक व तापस के अलावा पार्थ चटर्जी के भी करीबी थे कुन्तल
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसएससी मामले में ईडी ने हिरासत में लेने के बाद ही तृणमूल नेता कुन्तल घोष से पूछताछ शुरू कर दी। इसमें उनके खिलाफ मिले 30 करोड़ की नयी जानकारी के बारे में ईडी की टीम को विस्तृत जानकारी चाहिए। इसके अलावा छानबीन में यह भी सामने आया है कि कुन्तल का सिर्फ तापस मंडल के साथ ही अच्छे संपर्क नहीं थे बल्कि उनके संपर्क पार्थ चटर्जी तथा मानिक भट्टाचार्य के साथ भी थे। कई बार उन्हें पार्थ चटर्जी के घर आते – जाते कई लोगों ने देखा था। ईडी की टीम के पास कुन्तल के खिलाफ काफी सबूत है, जिसे ईडी अधिकारी एक-एक कर उन्हें दिखाएंगे और उस बारे में जानकारी मांगेंगे।
घोष बाबू का उल्लेख, पहले भी हो चुका है चार्जशीट में
ईडी सूत्रों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम पहले ही चार्जशीट में दे दिया गया था। चार्जशीट में यह भी यह कहा गया था कि 325 उम्मीदवारों को नौकरी देने के लिए एक ‘घोष बाबू’ को 3 करोड़ 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया था लेकिन चार्जशीट में उस ‘घोषबाबू’ की पहचान उजागर नहीं की गई थी। पहले से ही जेल हिरासत में रह रहे मानिक भट्टाचार्य के घनिष्ट तापस मंडल ने पहली बार कुन्तल घोष का नाम सामने लाया। ईडी सूत्रों के मुताबिक तापस ने उनसे दावा किया था कि घोषबाबू असल में हुगली के युवा नेता कुन्तल ही है। पहले सीबीआई की टीम के समक्ष तापस मंडल ने खुलासा किया था कि छात्रों से कुन्तल घोष ने 19.5 करोड़ लिये थे। अब ईडी ने कहा है कि इतना नहीं बल्कि 30 करोड़ रुपये लिये गये थे। सूत्रों की माने तो उनसे ईडी की टीम सच जानना चाहती है।
सीबीआई के भी निशाने पर थे कुन्तल
तृणमूल नेता कुन्तल घोष से गत बुधवार को सीबीआई पूछताछ की थी। वहां से बाहर आकर उन्होंने यह कहा भी था कि अगर मैंने सच में पैसे लिए होते तो क्या इतनी आसानी से मुझे सीबीआई अधिकारी जाने देते ? अब उनके बयान बदल चुके हैं। एसएससी मामले की छानबीन की जिम्मेदारी लेते वक्त केन्द्रीय एजेन्सियां ईडी व सीबीआई ने यह सोचा भी नहीं था कि यह मामला ऐसा होगा कि इसमें एक के बाद एक करके नये अभियुक्तों के नाम सामने आएंगे। एजेंसियों की माने तो जब भी कोई बड़ी छापामारी होती है या कोई कार्रवाई होती है, तो फिर से नये – नये नामों का पता चल ही जाता है।

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