राज्य में अब तक रेरा लागू नहीं होने के कारण खरीदारों की बढ़ी मुश्किलें

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अब तक रेरा एक्ट लागू नहीं किये जाने को लेकर घर खरीदारों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। इधर, घर खरीदारों के संगठन एफपीसीई (फोरम फॉर पीपुल्स कलेक्टिव एफर्टस्) की ओर से पश्चिम बंगाल सरकार से एक बार फिर अपील की गयी कि जल्द से जल्द राज्य में रेरा लागू किया जाए। यहां उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के हीरा कानून को भंग करते हुए रेरा लागू करने का निर्देश दिया था। रेरा लागू करने कोे लेकर पहली बार एफपीसीई ने ही या​चिका दायर की थी। एफपीसीई के प्रेसिडेंट अभय उपाध्याय ने कहा​ कि संगठन द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि देश भर में रियल इस्टेट के लिए एक ही कानून रेरा लागू हो। गत 4 मई 2021 काे ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के हीरा कानून को ‘असंवैधानिक’ करार दे दिया था, लेकिन इसके बाद हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद आज तक राज्य में रेरा लागू नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बन​र्जी को चिट्ठी देने से लेकर सभी तरह के उपाय संगठन द्वारा किये गये, लेकिन अब तक प​श्चिम बंगाल में घर खरीदार रेरा एक्ट से वंचित हैं।
नहीं हुईं नियुक्तियां, ना ही खुली वेबसाइट
अभय उपाध्याय ने कहा कि ‘वेस्ट बंगाल रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी’ और ‘वेस्ट बंगाल रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूूनल’ को अब तक राज्य में चालू नहीं किया जा सका है। उन्होंने यह भी कहा चेयरपर्सन की नियुक्ति और रेगुलेटरी अथॉरिटी के सदस्यों के साथ ही अपीलेट ट्रिब्यूनल के सदस्यों की नियुक्ति भी नहीं की जा सकी है। मौजूदा हालातों के कारण बिल्डर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क से समझौता करने के साथ ही पारदर्शिता और जवाबदेही को भी नजरंदाज कर रहे हैं। उपाध्याय ने कहा, ‘भारत के दूसरे राज्यों में घर खरीदारों को रेरा की सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन पश्चिम बंगाल के घर खरीदारों के पास बिल्डरों के आगे झुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’
16 अगस्त को लिखी थी चिट्ठी
सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अभय उपाध्याय ने गत 16 अगस्त को मुख्यमंत्री को इसे लेेकर चिट्ठी लिखी थी। केंद्रीय आवासन व शहरी विकास मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल में रेरा का मुद्दा उठाया गया था। राज्य सरकार को रेगुलेटरी अथॉरिटी के गठन के साथ ही अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन करना था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया। इकोनॉमिक एडवाइजर (हाउसिंग) दिनेश कपीला के नेतृत्व में केंद्रीय कमेटी पश्चिम बंगाल आयी थी, उनके साथ एफपीसीई के अध्यक्ष अभय उपाध्याय और सदस्य रतुल मजूमदार भी मौजूद थे। कमेटी ने राज्य सरकार के आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से गत 8 सितम्बर को मुलाकात की थी। उस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा कहा गया था कि रेरा के तहत नियम बनाये जा चुके हैं और जल्द चेयरपर्सन और वेस्ट बंगाल रेरा के सदस्यों की नियुक्ति कर दी जायेगी। हालांकि पश्चिम बंगाल में अब तक इसे चालू नहीं किया गया है और बिल्डरों द्वारा प्रोजेक्ट के र​जिस्ट्रेशन के बगैर ही उनकी लांचिंग, एडवरटा​इजिंग और बिक्री की जा रही है।

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