‘मॉर्निंग वॉक’ विवाद के बाद एक मंच पर आयें दिलीप व शुभेंदु

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ‘मॉर्निंग वॉक’ विवाद और एक-दूसरे पर कटाक्ष करने के बाद शुक्रवार को हुगली के बंडेल में आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष एक मंच पर आयें। उनके साथ ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी मौजूद थे। बीच में शुभेंदु और एक तरफ दिलीप तो दूसरी तरफ सुकांत को मंच पर इस दिन देखा गया। इससे पहले शुभेंदु व अपने बीच किसी तरह के ‘विरोध’ की बात अस्वीकार करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि एक पार्टी में एक ही आदर्श के साथ काम करने के बावजूद कुछ विषयों कोे लेेकर मतों में अंतर हो ही सकता है। इसका मतलब आपस में ‘लड़ना’ नहीं होता है। दिलीप घोष ने कहा, ‘कोई विरोध नहीं है, लेकिन मॉर्निंग वॉक के लिए दम चाहिये।’ वहीं शुभेंदु के साथ विरोध के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘हम एक ही पार्टी में आदर्श लेकर काम करते हैं। हो सकता है कि किसी मुद्दे को लेकर हमारा मतभेद हो, यही लोकतंत्र है। भाजपा में लोकतंत्र है जिस कारण हम लोग बोल सकते हैं। इसका मतलब क्या हम अलग हो गये हैं ? तृणमूल के समान क्या बम व बंदूक को लेकर लड़ने जायेंगे ?’ यहां उल्लेखनीय है कि हाल में विधानसभा में विपक्ष के नेता व मुख्यमंत्री की ‘सौजन्यतामूलक’ मुलाकात से लेकर ‘दिसम्बर’ तक के मुद्दे पर दिलीप घोष ने शुभेंदु पर कटाक्ष किया था। वहीं शुभेंदु ने भी हाजरा मोड़ की सभा से दिलीप घोष पर तंज कसा था जिस पर दिलीप घोष ने कहा था कि मॉर्निंग वॉक के लिए दम चाहिये। वहीं बाद में शुभेंदु ने सुर नरम करते हुए कहा कि दिलीपदा हमारे नेता हैं। उनका जवाब देकर मैं क्यों बयान दूंगा, मैं अनुशासित कार्यकर्ता हूं। हालांकि भाजपा सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने भले ही सुर नरम किये हो, लेकिन दोनों का ‘विरोध’ हटाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व को बीच में आना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, गत गुरुवार की शाम भाजपा के राष्ट्रीय सांगठनिक महासचिव बी. एल. संतोष ने शुभेंदु व दिलीप के साथ बैठक की थी।

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