बच्चों में बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले, एक महीने में 30 से 40 फीसदी अधिक हैं पीड़ित

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सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बच्चों में लगातार डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस बारे में कोलकाता के अधिकतर अस्पतालों का कहना है कि यही कारण है कि बच्चाें के लिए बेडों की संख्या बढ़ा दी गयी है। इसके अलावा ओपीडी में भी खास निर्देश दिये गये हैं। इस बारे में जाने माने चाइल्ड स्पेशियलिस्ट का कहना है कि अधिकतर माता- पिता बुखार होने पर वायरल इन्फेक्शन समझने लगते हैं और ऐसे में इलाज में देर कर देते हैं। इस बारे में कोलकाता के जानेमाने अस्पताल डॉ. बी सी राय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ पेडियाट्रिक साइंस के डॉक्टर की माने तो इन दिनों बच्चे डेंगू से अधिक पीड़ित हो रहे हैं। अगर आपके बच्चे को अधिक बुखार रह रहा है और आपको लगता है कि आम दिनों में होने वाले बुखार से तेज है और बच्चा काफी कमजोर हो रहा है तो समय बर्बाद न कर, डॉक्टर के पास जाए और सारे टेस्ट करवा ले। इनमें मुख्यत: डेंगू, मलेरिया और टायफायड के टेस्ट कराये जाते हैं। इंस्टिट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, कोलकाता के डिपार्टमेंट ऑफ पेडियाट्रिक मेडिसिन के एसोसियेट प्रोफेसर व चाइल्ड स्पेशलिस्ट अरुणालोक भट्टाचार्य ने बताया कि कोलकाता में इन दिनों डेंगू के मामले काफी अधिक बढ़ गये हैं। पिछले महीने से तुलना की जाए तो फिलहाल 30 से 40 फीसदी अधिक बच्चे डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। सितंबर के तीसरे सप्ताह से डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। चाहे क्लिनिक हो या फिर अस्पतालों के ओपीडी अधिकतर बच्चे बुखार से ही पीड़ित आ रहे हैं और टेस्ट करने पर अधिकतर बच्चों में डेंगू पाया जा रहा है।
वहीं वुडलैंड्स हॉस्पिटल के अधिकारी का कहना है कि उनके यहां डेंगू की चिकित्सा के लिए पूरे इंतजाम किये गये हैं। फिलहाल 20 लोग डेंगू से पीड़ित यहां भर्ती है। अभी कोई बच्चा नहीं है लेकिन ओपीडी में बुखार से पीड़ित काफी संख्या में बच्चे आते हैं। वहीं एसएसकेएम सूत्रों की माने तो पीडियाट्रिक वार्ड में अधिकतर बच्चे डेंगू प्रभावित भर्ती किये गये हैं। सितंबर के अंत में यह और अधिक हो गया है। काफी बच्चे बीमार हो रहे हैं। यहां बच्चों के लिए बेडों की संख्या भी बढ़ाई गयी है।
बच्चों में यह है लक्षण
आमतौर पर बच्चों में डेंगू के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, क्योंकि वे सामान्य बुखार के जैसे ही होते हैं। वे बीमारी की गंभीरता पर भी निर्भर करते हैं। एडीज मच्छर द्वारा काटे जाने के 4 दिनों से लेकर 2 सप्ताह के बीच कभी भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा फ्लू जैसे लक्षण, जो 2 से 7 दिनों तक रह सकते हैं और इसमें 104 डिग्री टेंपरेचर वाला तेज बुखार, तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, बार-बार उल्टी लगना, ग्रंथियों में सूजन, जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि है। इसमें बच्चे काफी बेचैन रहते हैं।
ऐसे बच सकते हैं डेंगू
* घर के आसपास पानी जमने न देना
* घर के भीतर सफाई पर जोड़ दें।
* बच्चों को फुल कपड़े पहनाएं, ताकि मच्छर उन्हें न काट सके
* बारिश के दिनों में बच्चों को पार्क व मच्छर लगने वाले स्थानों पर लेकर न जाए।
* घर के कूलर, एसी या फिर फूलों के गमलों में पानी न जमें, इसका पूरा ध्यान रखें।

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