पालिका चुनावों में सेंट्रल फोर्स की मांग : भाजपा की पीआईएल

चारों निगमों के चुनाव रद्द किए जाएं
मतदान के दिन हुई बड़े पैमाने पर हिंसा
चीफ जस्टिस ने तलब की रिपोर्ट
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नगरपालिका चुनावों में सेंट्रल फोर्स तैनात की जाने की मांग करते हुए भाजपा की तरफ से हाई कोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। हाल ही में हुए चारों नगरनिगमों के चुनाव रद्द करने की मांग भी की गई है। मतदान के दिन हुई भारी हिंसा को इसकी वजह बताई गई है। चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज के डिविजन बेंच ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को एफिडेविट की शक्ल में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। अर्जेंसी को देखते हुए इसकी अगली सुनवायी सोमवार को होगी।
डिविजन बेंच ने आदेश दिया है कि एफिडेविट की कापी पिटिशनरों को भी दी जाए। इसके साथ ही राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि निगम चुनावों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाए। भाजपा की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट रणजीत कुमार ने कहा कि मतदान के पहले नामांकन करने से रोका गया, मतदान के दिन भारी हिंसा हुई और समर्थकों के साथ ही उम्मीदवारों पर भी हमला किया गया। राज्य चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट के भरोसे को तोड़ दिया है। कहा गया था कि पुलिस बल के साथ शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराया जाएगा। एडवोकेट कुमार ने कहा कि चारों निगमों (विधाननगर, आसनसोल, सिलीगुड़ी और चंदननगर) के चुनाव रद्द किए जाएं। उन्होंने अपील की कि 108 पालिकाओं के चुनाव में सेंट्रल फोर्स तैनात किया जाए। इसके समर्थन में उनकी तरफ से मीडिया रिपोर्ट और शिकायतों का ब्योरा दिया गया है। चुनाव आयोग की तरफ से एडवोकेट जयंत मित्रा ने एडवोकेट सोनल सिन्हा के साथ पैरवी करते हुए कहा कि उनके पास भी मीडिया रिपोर्ट है, जिनमें कहा गया है ‌कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हुए हैं। उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाएं घटी थी और उनमें तत्काल कार्रवाई की गई थी। चुनाव आयोग को जो भी शिकायतें मिली थी उन पर तत्काल कार्रवाई की गई। इस पर चीफ जस्टिस ने उनसे कहा कि मीडिया रिपोर्ट का हवाला देने के बजाए जो आरोप लगाए गए हैं उन पर एफिडेविट दाखिल करके एक रिपोर्ट दें। एडवोकेट जनरल एसएन मुखर्जी ने कहा कि वे भी चुनावी हिंसा के हिमायती नहीं हैं, लेकिन जो भी छिटपुट घटनाएं घटी थी उनमें पुलिस की तरफ से तत्काल कार्रवाई की गई थी। माकपा की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट सब्यसाची चटर्जी ने कहा कि पालिकाओं के चुनाव तो 27 फरवरी को होने हैं, पर बहुत सी पालिकाओं में सत्तारूढ़ दल का बोर्ड बन गया है। साल्टलेक में हुई हिंसा के एक मामले में चीफ जस्टिस ने शिकायती को सुरक्षा देने का आदेश दिया। अब इसकी सुनवायी सोमवार को होगी।

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