बहूबाजार में फिर 10 घरों में पड़ीं दरारें, 200 लोग प्रभावित

घटनास्थल पर मेट्रो अ​धिकारियों को जाने से रोका गया
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बहूबाजार इलाके में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की भूमिगत सुरंग के निर्माण कार्य के चलते एक बार फिर 10 घरों में दरारें पड़ गई हैं। इस कारण लोग दहशत में हैं। करीब 200 लोग इससे प्रभावित हुए हैं। मेट्रो प्रबंधन व पुलिस प्रशासन द्वारा प्रभावित घरों को खाली कराया गया है। कोलकाता मेट्रो ने मुआवजे की घोषणा की है। मेट्रो के मुताबिक इस बार बहूबाजार के दुर्गा पिटुरी लेन के पास मदन दत्ता लेन के कई घरों में शुक्रवार सुबह बड़ी दरारें देखी गईं। इसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी कोलकाता मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (केएमआरसीएल), कोलकाता नगर निगम और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जीएम ए. के. नंदी ने कहा कि इलाके के लोगों को नार्थ कोलकाता व सेंट्रल कोलकाता के होटलों में शिफ्ट किया गया है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि मेट्रो अधिकारियों को क्षेत्र में घरों को ध्वस्त करना चाहिए और भविष्य में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए पूरी तरह से एहतियाती काम करने के बाद, नए भवनों का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इमारत को मरम्मत न करके उसका नये निर्माण कराना ही आवश्यक है क्योंकि भविष्य में दुर्घटनाओं का खतरा हो सकता है। इनके अलावा सुदीप बंद्योपाध्याय, नयना बंद्योपाध्याय, तापस राय समेत अन्य वरीष्ठ लोग पहुंचे थे।
स्थानीय निवासियों में रोष, नारेबाजी
इधर, शुक्रवार सुबह कई घरों में बड़ी दरारें आने के बाद स्थानीय लोगों ने ईस्ट-वेस्ट मेट्रो निर्माण अथॉरिटी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। जब मेट्रो के अधिकारी व जीएम ए. के. नंदी और अन्य घटनास्थल पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और इलाके में प्रवेश करने से रोक दिया। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के चलते बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर तैनात की गयी। डीसी सेंट्रल रूपेश कुमार वहां पहुंचे और मामले को संभाला। इस बारे में इलाके के पार्षद का आरोप है कि इस तरह की घटना के विषय में राज्य सरकार व केंद्र सरकार को सोचना चाहिए कि लोग कहां जायेंगे?
केएमआरसीएल देगा मुआवजा
इस बीच, केएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक सीएन झा के मुताबिक सियालदह की ओर से मेट्रो लाइन पर क्रॉस पैसेज पर काम करने के दौरान मजदूरों ने देखा कि वहां से सुबह करीब तीन बजे पानी आ रहा है। केएमआरसीएल की ओर से जारी बयान में भी बताया गया है कि कुल 10 घर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुआवजे की भी घोषणा की है। 100 वर्ग फीट तक के क्षतिग्रस्त के लिए एक लाख रुपये और 100 वर्ग फीट से अधिक क्षतिग्रस्त के लिए 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। बयान में कहा गया है कि यदि क्षति और अधिक पाई गई, तो मुआवजे की राशि बढ़ायी जाएगी। 15 दिनों के अंदर मुआवजे की राशि दे दी जाएगी।
बहूबाजार इलाके में पहले भी आ चुकी हैं दरारें
ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की भूमिगत सुरंग के निर्माण कार्य के चलते इसी साल बहूबाजार इलाके में 11 मई को दुर्गा पिटुरी लेन में कई घरों में दरारें आ गई थीं। इसके बाद मेट्रो प्रबंधन ने लोगों को होटल में शिफ्ट किया था। उससे पहले 31 अगस्त 2019 की रात ईस्ट-वेस्ट मेट्रो टनल की खुदाई के दौरान दुर्गा पिटुरी लेन और सेकरापाड़ा लेन में कई घर ढह गए थे और क्षेत्र के निवासी विस्थापित हो गए थे।

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