बंगाल के भूमिपुत्र सुनील बंसल बनाये गये प्रभारी

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के भूमिपुत्र सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही वह ओडिशा और तेलंगाना राज्यों की जिम्म्मेदारी भी संभालेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से राजस्थानी होने के बावजूद सुनील बंसल का जन्म वर्ष 1969 में दुर्गापुर के बेनाचिती के गुरुद्वारा मार्ग में हुआ था। ऐसे में वह पश्चिम बंगाल के भूमिपुत्र हैं और इस कारण उन्हें राज्य का प्रभारी बनाये जाने से प्रदेश भाजपा के नेता व कार्यकर्ता संतुष्ट हैं। अब चर्चा यह भी चालू हो गयी है कि क्या राज्य के सह प्रभारी भी जल्द बदले जायेंगे ? फिलहाल सह प्रभारी के तौर पर अमित मालवीय पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
विजयवर्गीय के बदले आये बंसल
कैलाश विजयवर्गीय भले ही पश्चिम बंगाल के प्रभारी थे, लेकिन जिस प्रकार गत विधानसभा चुनाव के बाद से उन्होंने राज्य से दूरियां बना ली थी, उसे देखते हुए यह कहा ​जा रहा था कि जल्द ही राज्य के प्रभारी बदले जा सकते हैं। ऐसे में अब पार्टी ने विजयवर्गीय के स्थान पर सुनील बंसल को लाने का निर्णय लिया है।
कौन हैं सुनील बंसल
सुनील बंसल भाजपा में शामिल होने से पहले एबीवीपी और आरएसएस से जुड़े रह चुके हैं। वर्ष 1989 में वह राजस्थान विश्वविद्यालय के महासचिव चुने गये थे। एबीवीपी में नेशनल ज्वाइंट ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी बनने के बाद वर्ष 2010 से 2014 तक यूथ अगेन्स्ट करप्शन के नेशनल कनवेनर के तौर पर अहम भूमिका निभा चुके हैं। बंसल ने राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय शिक्षा प्रणाली, प्रणालीगत सुधार समेत कई मुद्दों पर पुस्तकें लिखी हैं। वर्ष 2014 में उन्हें उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया था और फिलहाल वह यूपी में सांगठनिक महासचिव थे। वर्ष 2017 में यूपी के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में अधिक सीटें भाजपा को दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
माने जाते हैं शाह के करीबी
पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि सुनील बंसल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है। यूं तो सभी राष्ट्रीय महासचिव की पहुंच शाह तक रहती है, लेकिन बंसल की बात कुछ अलग है। इसके अलावा संगठन को चलाने में भी उन्हें काफी दक्ष समझा जाता है।
विधानसभा चुनाव के समय आये थे बंगाल
गत विधानसभा चुनाव में सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल के लिए कोई विशिष्ट जिम्मेदारी तो नहीं मिली थी, लेकिन उस समय वह पश्चिम बंगाल एक से दो बार आये थे। इस दौरान एयरपोर्ट के पास एक होटल में अमित शाह ने बैठक की थी जिसमें बंसल भी शामिल हुए थे।
अपनों से राजनीति पर अधिक बात नहीं पसंद
सुनील बंसल अपनों से राजनीति पर अधिक बात नहीं करते। आज भी दुर्गापुर में सुनील बंसल का आवास है। दो साल पहले उनकी माता स्वर्गीय शांति देवी का निधन हो गया था। उसी समय सुनील बंसल लंबे समय तक दुर्गापुर में रुके थे। उस समय देशभर से भाजपा के शीर्ष नेताओं का कारवां दुर्गापुर आता रहा। तब दुर्गापुर के लोगों को जानकारी मिली कि उत्तर प्रदेश में भगवा सियासत के सूत्रधार सुनील बंसल उनके अपने शहर के हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के दौरान सुनील बंसल दो महीने तक दुर्गापुर और कोलकाता में रुके थे।

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