स्कूलों में नियुक्ति घोटाला : सिट का प्रमुख बनाया अखिलेश को

हाई कोर्ट के जस्टिस गंगोपाध्याय ने दिया आदेश
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सीबीआई के डीआईजी अखिलेश सिंह को स्कूलों में नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की सिट का प्रमुख बनाया गया है। इसके साथ ही सिट के दो अफसरों को हटाने के बाद चार और अफसरों को इसमें शामिल किया गया है। हाई कोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने बुधवार को यह आदेश दिया। जस्टिस गंगोपाध्याय ग्रुप सी और ग्रुप डी के पदों पर की गई अवैध नियुक्ति की सीबीआई जांच की समीक्षा कर रहे थे।
यहां गौरतलब है कि जांच के शुरुआती दौर में अखिलेश सिंह ही सिट के प्रमुख थे। इसके बाद उनका तबादला दिल्ली में कर दिया गया। जस्टिस गंगोपाध्याय ने आदेश दिया है कि अखिलेश सिंह को सात दिनों के अंदर मौजूदा दायित्व से मुक्त करते हुए सिट के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। इसके साथ ही आदेश दिया है कि इस मामले की जांच पूरी नहीं होने तक कोर्ट की लीव के बगैर उनका तबादला नहीं किया जाएगा। जस्टिस गंगोपाध्याय ने सीबीआई जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अवैध रूप से नियुक्त किए गए 542 लोगों की जांच छह माह पहले सौंपी गई थी और सीबीआई अभी तक सिर्फ 16 से ही पूछताछ कर पायी है। इस पर सीबीआई के एडवोकेट बिल्लदल भट्टाचार्या ने कुछ तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए कहा कि सिट के प्रमुख एसपी राजीव मिश्रा कोर्ट में मौजूद हैं और वे इसका खुलासा कर सकते हैं। इसके बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने राजीव मिश्रा को बुलाकर उनसे काफी देर तक बातचीत की और इसके बाद विस्तृत आदेश दिया। जस्टिस गंगोपाथ्याय ने डिप्टी एसपी केसी रिसिनामॉल और इमरान आशिक को सिट से हटाये जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही डीएसपी विश्वनाथ चक्रवर्ती सहित चार को सिट में शामिल करने का आदेश दिया। जस्टिस गंगोपाध्याय ने कहा कि सिट के सदस्यों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने आदेश दिया कि जिन 526 लोगों से पूछताछ नहीं हो पाई है उनसे तीन सप्ताह के अंदर पूछताछ पूरी करनी पड़ेगी। उनसे यह जानना है कि उन्हें संस्तुति पत्र और नियुक्ति पत्र किन किन लोगों ने दिया था। इसके साथ ही आदेश दिया कि अगर ये पूछताछ में सहयोग नहीं करते हैं तो सीबीआई उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। ग्रुप सी और ग्रुप डी का पैनल और मेरिट लिस्ट पिटिशनरों को जांच के लिए दिए जाने का आदेश देते हुए कहा कि इसकी अगली सुनवायी 22 नवंबर को होगी। सीबीआई को 40 ब्लैंक ओएमआर शीट पिटिशनरों को सौंपे जाने का आदेश‌ दिया ताकि वे इसकी जांच कर सके। जस्टिस गंगोपाध्याय ने बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष पर भरोसा जताया।

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