कस्टम्स के अधिकारियों को धमकी देते थे अनुव्रत : सीबीआई का कोर्ट में दावा

जेल प्रशासन के वर्चुवल पेशी की अपील को भी किया खारिज
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कस्टम्स के अधिकारियों को धमकी देते थे अनुव्रत मंडल। सीबीआई की टीम ने यह दावा बुधवार को आसनसोल की कोर्ट में किया। तृणमूल नेता अनुव्रत मंडल की जमानत याचिका खारिज करने के लिए दी जा रही दलीलों में सीबीआई के वकील की ओर से यह कहा गया कि वे कस्टम्स के अधिकारियों को धमकी देते थे। सीबीआई की ओर से दावा किया गया कि मवेशी तस्करी मामले में अभियुक्त अनुव्रत मुख्य भूमिका में थे। या तो पैसे देकर लोगों से काम करवाए जाते थे या फिर डरा-धमका कर काम करवाया जाता था। यहां तक की अगर कस्टम्स के अधिकारी उन्हें रोकते थे तो इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन तक किया जाता था। अधिकारी का वहां रहना मुश्किल कर दिया जाता था। इन सबके के लिए अनुव्रत जिम्मेदार थे। अगर उन्हें जमानत मिलती है तो वे जांच को प्रभावित करेंगे।
बहस में दोनों पक्षों ने कई मुद्दों को उठाया
वहीं अनुव्रत के वकील ने कहा कि अगर अनुव्रत के बॉडीगार्ड वसूली करता था तो इसमें उनके मुवक्कील की क्या गलती है। सीबीआई के पास अनुव्रत के खिलाफ सीधे तौर पर कोई प्रमाण नहीं है। वहीं अनुव्रत की तबीयत खराब है, ऐसे में उन्हें इलाज के लिए जमानत चाहिए। इस पर सीबीआई के वकील ने कहा कि उनका डायरेक्ट इनवॉलमेंट है, इसके सबूत दिये गये हैं। बैंक अकाउंट फिक्स्ड डिपोजिट आदि है जो कि यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार का लेवल कितना अधिक था ? अनुव्रत प्रभावशाली है, इसे साबित करने की जरूरत नहीं है। वहीं अनुव्रत के वकील की शारीरिक अवस्था ठीक नहीं होने की दलील भी कोर्ट में काम नहीं आयी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के उपरांत आरोपी अनुव्रत मंडल की जमानत अर्जी रद्दकर उसे फिर 14 दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का निर्देश दे दिया। आगामी 21 सितंबर को पुनः उसकी सुनवाई पूरी होगी।
सुरक्षा कारणों से सुनवाई को वर्चुअल मोड में करने की अपील की गयी थी
कुछ दिन पहले अनुव्रत मंडल के बॉडीगार्ड सहगल हुसैन को भी आय से असंगत संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि अभी भी वह जेल में ही है। वहीं जेल अधीक्षक ने सुरक्षा कारणों से सीबीआई अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती से इस बार की सुनवाई को वर्चुअल मोड में करने की अपील की। जेल प्रशासन की पैरवी पर विचार करने के लिए सीबीआई जज ने उस आवेदन को जिला जज सुनीरमल दत्ता के पास भेजा दिया था। हालांकि जिला जज ने उस याचिका को मंजूर नहीं किया। जेल प्रशासन के निवेदन को खारिज किये जाने के बाद अनुव्रत मंडल को बुधवार को आसनसोल जेल से सीबीआई के विशेष कोर्ट में पेश किया गया।

शेयर करें

मुख्य समाचार

गंगा घाट पर प्रतिमा के जंजाल के नीचे मिला सड़ा-गला शव

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : गंगा घाट पर प्रतिमा के जंजाल को हटाने के दौरान ‌एक सड़ा-गला शव बरामद किया गया। घटना बुधवार की देर रात नॉर्थ आगे पढ़ें »

नवद्वीप में घर में लगी आग

नदिया : नवद्वीप थाना अंतर्गत नवद्वीप पालिका के राजवंशीपाड़ा निवासी श्रीराम राजवंशी के घर में दशमी की रात अचानक आग लग गयी। बताया गया है आगे पढ़ें »

ऊपर