आकाशवाणी के गुजरे जमाने को संजोता अहिरीटोला का पूजा पंडाल

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताःनवरात्र शुरू होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं, राज्य में दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण पर चल रही हैं। ऐसे में पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोलकाता के पूजा पंडालों की रौनक अलग ही होती है। कहीं थीम तो कहीं प्रतिमा भव्य होती है। इस बार दुर्गापूजा की रौनक कई गुणा अधिक है क्योंकि बंगाल के दुर्गापूजा को विश्व में मान्यता मिली है। ऐसे में पूजा कमेटियों में उत्साह भरपूर है। आइये जानते हैं कि इस बार अहिरीटोला सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति द्वारा क्या खास है –
थीम – आकाशवाणीथीम का लक्ष्य – विरासत से युवाओं को जोड़ने की जरूरत
कलाकार – देबोज्योति जाना की थीम
साजसज्जा – ग्रामोफोन, रेडियो, सीडी, हार्मोनियम के की बोर्ड व जबरदस्त लाइटिंग
बजट – 30 लाख रु.


क्या कहना है कमेटी का
समिति के कोषाध्यक्ष सुरोजीत दे ने कहा कि हमारे यहां पूजा देखने के लिए राज्य के ही नहीं विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। पूजा पंडाल हमेशा ही चर्चा के केंद्र में रहता है। इस साल मशहूर कलाकार देबोज्योति जाना की देखरेख में ‘आकाशवाणी’ थीम पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। इस बार के पूजा पंडाल में आकाशवाणी के गुजरे जमाने की सुनहरी यादों को संजोने की कोशिश की गयी है। पुराने जमाने के ग्रामोफोन, रेडियो, सीडी, हार्मोनियम के कीबोर्ड से पूजा पंडाल का ढांचा तैयार किया जा रहा है। जाने माने मूर्तिकार ‌पिंटू शिबदार अनूठे ढंग से मां दुर्गा की मू‌र्ति तैयार कर रहे हैं। स्मार्ट फोन के जमाने में पुरानी चीजें अनायास ही दर्शकों को अपनी ओर खींचेंगी। 1940 में हुई थी अहिरीटोला पूजा की शुरुआत। इस वर्ष समिति का 83 वां वर्ष पूरा हो रहा है। समिति इस बार पूजा पंडाल में मां दुर्गा की 12 फुट ऊंची मूर्ति स्थापित करेगी।

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