तृणमूल के लिए बड़ी उपलब्धियों का साल रहा 2021

* तीसरी बार सत्ता पर काबिज से लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी किया विस्तार
* केएमसी चुनाव में रही बल्ले-बल्ले
* 2022 में ऊंची उड़ान की तैयारी
* निकाय चुनावों की तैयारी में जुटी तृणमूल
सबिता रॉय
कोलकाता : अगले चार दिनों में यह साल खत्म हो जायेगा। नये साल की शुरूआत होगी। बात करें राजनीतिक पार्टियों के लिए कि 2021 कैसे रहा तो इस मामले में तृणमूल कांग्रेस ने बाजी मारी है। 2021 का साल तृणमूल के लिए उपलब्धियों भरा रहा है। तृणमूल एक के बाद एक सफलता हासिल करती गयी। इसी साल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जबरदस्त जीत हासिल की। तीसरी बार सत्ता पर काबिज हुई। वहीं त्रिपुरा, गोवा, मेघायल से लेकर कई राज्यों में तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी का विस्तार किया। अभी हाल में सम्पन्न हुए कोलकाता नगर निगम के चुनाव में भी तृणमूल ने जीत का परचम लहराया। तृणमूल की आंधी ऐसी चली कि कोई भी खड़ा नहीं हो पाया। बहरहाल 2021 तृणमूल के लिए सफलताओं का साल रहा। पूरे साल राष्ट्रीय राजनीतिज्ञों की निगाहें तृणमूल कांग्रेस पर टिकी रही।
तृणमूल ने तूफान से कश्ती निकालकर लायी
साल के शुरूआत से ही तृणमूल ने काफी मेहनत की। सत्ता तृणमूल के हाथ में ही रहे, इसके लिए कड़ी परिश्रम करनी पड़ी। जिस तरह से भाजपा ने दावा किया कि अबकी बार दाे सौ पार होंगे और भाजपा सरकार बनाएगी, इन सबके बीच तृणमूल की बड़ी जीत ऐसा रहा मानो तृणमूल तूफान से कश्ती को निकालकर ले आयी। 2 मई को नतीजे आये तृणमूल की आंधी के सामने कोई खड़ा भी नहीं हो पाया।
जीत का कारवां बढ़ता गया
विधानसभा में जीत के बाद भी कारवां नहीं ठहरा। इसके बाद उपचुनावों में भी तृणमूल को सफलता मिली। साल के अंत में हुए कोलकाता नगर निगम के चुनाव में भी पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करायी।
राष्ट्रीय राजनीति जोरदार एंट्री, कई दिग्गज तृणमूल में आये
2021 में तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजनीति में भी पैठ पूरी तरह से जमाने में सफलता हासिल की। कांग्रेस के कई दिग्गज नेता तृणमूल में आ गये। इनमें बड़ा नाम कीर्ति आजाद, कमलापति त्रिपाठी के पोते राजेश त्रिपाठी,सुष्मिता देव,अशोक तंवर का है। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के पवन वर्मा भी हाल में तृणमूल में शामिल हो गये हैं। तृणमूल कांग्रेस पूरे देश में अपने पैर पसारने में लगी हुई है।
साल की शुरूआत में गये कई, साल के अंत में वापसी
विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से कई नेताओं ने तृणमूल छोड़ दिया था। कई महीनों तक यह चलता रहा है। इनमें मंत्री से लेकर सांसद भी शामिल थे। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद वापसी के लिए फिर होड़ लग गयी। कईयों को मौका तो मिला, मगर कईयों के लिए तृणमूल के दरवाजे अभी भी बंद हैं।
त्रिपुरा में वोट शेयर में वृद्धि, गोवा में बढ़ी ताकत
त्रिपुरा में तृणमूल ने इस बार पूरा जोर लगाया। 14 नगर निकायों में 334 सीटों में से केवल एक पर जीत हासिल करने में पार्टी सफल रही, लेकिन पार्टी के वोट शेयर में वृद्धि हुई है। वहीं गोवा में भी तृणमूल कांग्रेस को सफलता मिल रही है। गत तीन महीनों में पार्टी ने यहां खुद को स्थापित किया है। दो पूर्व सीएम तृणमूल में शामिल हुए। यहां टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने तृणमूल का दामन थामा। वहीं कांग्रेस से भी कई दिग्गज नेता तृणमूल में शामिल हुए।
बड़ी उड़ान की तैयारी में है तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर जिस तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है, उससे राजनीतिज्ञों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस बड़ी उड़ान की तैयारी में हैं। तृणमूल कांग्रेस पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि दिल्ली दखल की लड़ाई होगी। यह भी कयास लगाया जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। अगले साल की शुरूआत में निगम चुनाव तथा पालिकाओं के चुनाव होने है। तृणमूल फिर एक बार बड़ी उड़ान की तैयारी में है।

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