126 साल के पद्म श्री स्वामी शिवानंद जी के कान और जुबान अब देने लगे है जवाब

कोलकाता: 126 साल के पद्म श्री स्वामी शिवानंद पृथ्वी पर सबसे अधिक उम्र के जीवित व्यक्ति है। जिनका जन्म 8 अगस्त, 1896 को सिलहट (अब बांग्लादेश में) के एक गाँव में हुआ था। स्वामी शिवानंद की गत दो दिनों से चल रहे स्वास्थ्य जांच को लेकर शनिवार को कोलकाता स्थित वुडलैंड्स अस्पताल में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जहां स्वामी शिवानंद जी के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी में पता चला कि स्वामी जी के बाकी अंग स्वस्थ है पर अब उनके कान और जुबान जवाब देने लगे है।
शनिवार को अस्पताल से अपने पैरों पर निकलते वक्त योग और सादा जीवन जीने की कसम खाने वाले स्वामी शिवानंद जी ने सन्मार्ग से कहा कि इन्सान के प्रतिदिन आधा घंटा योगा करना चाहिए। योगा इन्सान के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपको लंबा जीवन जीना है तो योगा करे, सादा भोजन करे और अगर आप उबाला हुआ भोजन खाते है तो उस्से अच्चा कुछ हो ही नहीं सकता। इन सबके साथ-साथ मैं यह कहुंगा कि इन्सान अपने​ जीवन में जितनी कम इच्छा रखेगा उतनी ही लंबी उसकी उम्र होगी। क्योंकि जितनी ज्यादा इच्छाए होगी उतना ही ज्यादा तनाव होगा जो स्वास्थ के लिए हानिकारक है।
शिवानंद जी, वाराणसी में अपने मामूली आश्रम से 76 साल पुराने वुडलैंड्स, द वुडलैंड्स तक आए। कोलकाता के निजी अस्पताल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट का गठित किया गया। उन्हें पैथोलॉजिकल टेस्ट सहित कई सारे टेस्ट भी करवाए गए। इसके अलावा ईसीजी, इको, छाती और मस्तिष्क का सीटी स्कैन, यूएसजी, दृष्टि और ऑडियोमेट्री टेस्ट को विभिन्न सुपरस्पेशियलिटी के डॉक्टरों द्वारा किया गया। यहा पर शिवानंद जी की पूरी सेवा मुफ्त थी। अंगों में कुछ शारीरिक बदलाव पाए गए, जो उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
शिवानंद जी के पर्सनल फिजिसियन डॉक्टर एससी गराई ने सन्मार्ग से कहा, ” उम्र के साथ-साथ स्वामी जी को कान से कम सुनाई देता है और आवाज धीमी पर गई है। स्वामी जी आज भी बहुत ही डिसिप्लिंड लाइफ जीते है। योगा करना साफ-सफाई से रहना, टहलना, सादा भोजन खाना ये सब स्वामी जी के जिंदगी का हिस्सा है जिसे आज भी वे करते आए है। बात करे इनकी स्वास्थ्य जांच की तो सारी रिपोर्ट्स थीक है। ”
क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ सौतिक पांडा, जिनके तहत शिवानंद जी को भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि “हम पिछले साल से शिवानंद जी के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि शिवानंद जी को वुडलैंड्स अस्पताल पर अपना भरोसा दिखाया। इसलिए तो अपने जांच के लिए वे वाराणसी से यात्रा करके हमारे पास आते है। शिवानंद जी का जीवन अपने आप में ही एक सीख है। हमारी यही कामना है कि वे हमेशा स्वस्थ रहे।

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