कोलकाता : कोलकाता स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुडिशियल साइंसेज (NUJS) के छात्रों ने रविवार को कुलपति निर्मल कांति चक्रवर्ती को 31 अक्टूबर, 2025 तक इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया। छात्रों का कहना है कि उनकी चिंताएं हालिया यौन उत्पीड़न के आरोपों से कहीं अधिक गहरी हैं, जिनमें "गंभीर शैक्षणिक और ढांचागत खामियां, अकादमिक गुणवत्ता में गिरावट और वित्तीय पारदर्शिता की कमी" शामिल हैं।
यह अल्टीमेटम रविवार सुबह कुलपति के गेराव समाप्त करने के कुछ ही घंटों बाद दिया गया। शनिवार रात छात्रों ने कुलपति का कैंपस में घेराव किया था, जो रविवार सुबह 3 बजे तक चला। सुबह 6:30 बजे कुलपति, वरिष्ठ फैकल्टी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, जिसमें छात्रों ने 47 मांगों की एक सूची सौंपी। छात्रों के अनुसार, यह सूची समय की कमी के कारण अपूर्ण है और लंबी हो सकती थी।
छात्रों ने कहा कि यदि 31 अक्टूबर तक कुलपति इस्तीफा नहीं देते या नया कुलपति नियुक्त नहीं होता, तो नवंबर से अनिश्चितकालीन पूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। हालांकि, छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्रतिक्रिया पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
उधर, कुलपति चक्रवर्ती ने आरोपों को “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और प्रतिशोधात्मक” बताते हुए कहा कि यह शिकायत समयसीमा से बाहर होने के कारण आंतरिक समिति और उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस निर्णय को बरकरार रखा। हालांकि, कोर्ट की कुछ टिप्पणियों को लेकर उन्होंने कानूनी विकल्पों का सहारा लेने की बात कही।
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और राज्य मंत्री की मौजूदगी में भी छात्रों ने कैंपस में ‘वीसी को हटाओ’ पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया।