हरियाणा-पंजाब में हैं अमेरिका के डंकी रूट की जड़ें, 2 गिरफ्तार

एनआईए ने 4 ठिकानों पर की छापेमारी, अहम दस्तावेज जब्त
Police uncover network linked to the US Donkey
File Phooto
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नई दिल्ली : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने बेरोजगार युवकों से पैसे ऐंठ कर भारत से डंकी रूट के जरिये अमेरिका भेजने वाले गिरोह का पर्दाफास किया है। मानव तस्करी के इस गोरख धंधे में एनआइए ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले रवि कुमार और गोपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि एनआईए की टीमें गुरुवार सुबह हरियाणा और पंजाब के कुल चार ठिकानों पर छापेमारी की। करनाल में दो जगह तलाशी ली गई। वहीं यमुनानगर और पंजाब के गुरदासपुर में एक-एक जगह तलाशी ली गई। एनआईए को इस दौरान डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। एजेंसी की जांच अभी जारी है। 

लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर ठगी

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार रवि और गोपाल एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं जो लोगों को अमेरिका कानूनी तरीके से भेजने का झांसा देकर ठगते थे। गोपाल सिंह, इस गिरोह के एक और अहम सदस्य जय कुमार और रवि के साथ मिलकर कई लोगों को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजने में शामिल रहा है। गोपाल ने न केवल पीड़ितों की होटल बुकिंग और यात्रा की पूरी योजना तैयार की, बल्कि पैसे की वसूली और बाकी आरोपियों को पीड़ितों से मिलवाने में भी मदद की। एनआईए की जांच में अंतरराष्ट्रीय कड़ियां सामने आ रही हैं और आने वाले दिनों में और पंजाब, दिल्ली और मुंबई से भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसी इस पूरे रैकेट की जड़ों तक पहुंचने में जुटी है। 'डंकी रूट' एक अवैध रास्ता है जिसके ज़रिए भारत से लोग मध्य और दक्षिण अमेरिका के कई देशों से होकर अमेरिका की सीमा तक पहुंचते हैं। इस रास्ते में कई बार तस्करी, शोषण, फिरौती और जान का खतरा बना रहता है।

अमेरिका से डिपोर्ट युवक की शिकायत पर हुई कार्रवाई : एनआईए ने इस गिरोह के शिकार बने हरियाणा के नारायणगढ़ के रहने वाले शुभम सैनी की शिकायत पर कार्रवाई की है। बताया गया कि जनवरी 2025 में अमेरिका की सीमा पर पकड़े जाने के बाद उसे वापस भारत डिपोर्ट किया गया था। शुभम ने बताया कि जालसालों ने अमेरिका में नौकरी दिलाने के नाम पर पहले देश में ही रुपये ठगे और उसे साउथ और सेंट्रल अमेरिका के रास्ते अमेरिका ले जाया गया, जहां उसे कई बार बंधक बनाया गया, यातनाएं देकर परिजनों से 42 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में वसूले गए।

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