अब इंफोसिस में शुरू हुई ‘कलह’

नई दिल्लीः टाटा-मिस्त्री विवाद के बाद इंफोसिस के पहले नॉन प्रोमोटर सीईओ विशाल सिक्का और कंपनी के प्रमुख संस्थापकों के बीच अनबन शुरू हो गई है। इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति, क्रिस गोपालकृष्णन और नंदन निलेकणी ने कंपनी बोर्ड को पिछले महीने चिट्ठी लिखकर बोर्ड को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कंपनी बोर्ड पर कई सवाल उठाए हैं। हालांकि विशाल सिक्का ने कर्मचारियों को ऐसी बातों पर ध्यान न देने को कहा है।
पत्र में इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का की वेतन भत्तों में हुए इजाफे, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की पत्नी पुनीता सिन्हा की कंपनी की स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्ति और पूर्व सीएफओ राजीव बंसल को पद छोड़ने पर 17.4 करोड़ की भारी-भरकम रकम दिए जाने जैसे मुद्दों पर भारी जताई गई है। साथ ही उन्होंने कंपनी के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी राजीव बंसल और जनरल काउंसल डेविड कनेडी को वेतन के तौर पर दिये जाने वाले सालाना पैकेज पर भी सवाल उठाये हैं। कंपनी में संस्थापकों की हिस्सेदारी 12.75 फीसदी की है। इसमें एनआर नारायणमूर्ति और उनके परिवार के पास सबसे बड़ा भाग है।
पुनीता सिन्हा के मुद्दे पर बोर्ड का कहना है कि वह इस पद के लिए काफी पढ़ी-लिखी और काबिल हैं।
सिक्का का सालाना पैकेज?
– अक्टूबर, 2016 में कंपनी ने विशाल सिक्का के वेतन-भत्तों के रूप में 2011 तक मिलने वाले सालाना पैकेज को बढ़ाकर करीब 20 मिलियन डॉलर कर दिया था। जिसमें उन्हें 11 मिलियन डॉलर प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी जाती है, जबकि वेतन के रूप में उन्हें तीन मिलियन डॉलर सालाना और आठ मिलियन डॉलर कंपनी के लक्ष्य को प्राप्त करने पर दिये जाते रहेंगे।
– अक्तूबर, 2015 में कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी के कार्यभार से त्यागपत्र देकर इंफोसिस छोड़ने वाले राजीव बंसल को कंपनी 17.38 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज देती थी। वहीं, दिसंबर में कंपनी छोड़ने वाले इन्फोसिस के मुख्य अनुपालन अधिकारी डेविड कनेडी को 8,68,250 डॉलर सालाना पैकेज दिया जाता था।
सिक्का के मौजूदगी में स्टॉक विकल्प में इजाफा
– कंपनी द्वारा लिए गए सभी निर्णय प्रमाणिक खुलासों पर आधारित होते हैं। कंपनी समय-समय पर अपने सभी लाभार्थियों और संस्थापकों से सलाह-मशविरा लेती रहती है।’ हालांकि, कंपनी ने यह जताने का प्रयास किया है कि सिक्का को मिलने वाला वेतन भत्ता वास्तव में बढ़ने के बजाय कम हुआ है और प्राथमिक तौर पर प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयों (आरएसयू) और स्टॉक विकल्प में इजाफा हुआ है और यह अविश्वसनीय बड़े लक्ष्यों के कारण हुआ है।
– सिक्का ने 2021 तक 20 बिलियन डॉलर के राजस्व, 30 फीसदी ऑपरेटिंग मार्जिन और हर कर्मचारी पर 80,000 डॉलर के राजस्व का लक्ष्य पेश किया है। वर्तमान में इन्फोसिस का राजस्व 10 बिलियन डॉलर है।
सिक्का के मौजूदगी में लाभांश घटा
अगस्त 2014 में इस पद पर आने के बाद से सिक्का की रणनीति इन्फोसिस के कर्मचारियों की प्रदर्शन और नैतिक मूल्यों में लगातार सुधार की रही है। भारतीय आईटी क्षेत्र के पुराने व्यापार और इन्फ्रास्ट्रक्चर और बीपीओ के क्षेत्र में लाभांश धीरे-धीरे घटता जा रहा है। इसलिए कंपनी को नए नवोन्मेष और मूल्य वर्धित सेवाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

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