हावड़ा नगर निगम के स्कूल के बच्चों को मिलेगा हेल्दी फूड

जनवरी से निगम के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में मिड डे मील बनाएगी इस्कॉन

अभी देश के साढ़े 12 लाख बच्चों के लिए इस्कॉन बनाता हैं मिड डे मील

हावड़ा : हावड़ा नगर निगम के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता को सुधारने के उद्येश्य से निगम ने ईस्कॉन फूड रिलिफ फाउंडेशन के माध्यम से बनवाने का फैसला लिया है। हावड़ा नगर निगम की ओर से इस फैसले पर काम आरंभ हो गया है। योजना अगर कामयाब होती है तो आने वाले वर्ष के जनवरी महीने से बच्चों को मिड डे मील इस्कॉन द्वारा बनवाया जाएगा। हावड़ा नगर निगम के अंतर्गत 14 स्कूल आते हैं। सभी स्कूलों को मिलाकर कुल 6 हजार बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जाता है। जानकारी के मुताबिक सभी स्कूलों में कर्मचारियों द्वारा ही मिड डे मील बनाया जा रहा है। दूसरी ओर हर दूसरे दिन इस खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाये जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कोलकाता नगर निगम के अंतर्गत आने वाले नॉर्थ कोलकाता के 124 स्कूलों में पिछले 4 वर्षों से मिड डे मील इस्कॉन द्वारा ही बनाया जा रहा है। इसके अलावा पूरे देश के लगभग 12.5 लाख बच्चों को मिड डे मील इस्कॉन ही दे रहा है।

क्या कहना है इस्कॉन फूड रिलिफ फाउंडेशन का

ईस्कॉन फूड रिलिफ फाउंडेशन के जनरल मैनेजर राधा रमण दास ने बताया कि हावड़ा के स्कूलों में मिड डे मील बनाने के लिए हावड़ा नगर निगम से एक महीने पहले इस्कॉन संस्था को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि आने वाले वर्ष 2017 के जनवरी महीने से इस्कॉन हावड़ा के स्कूल के बच्चों के लिए पौष्टिक मिड डे मील बनाएगा।

क्या खास है इस्कॉन के मिड डे मिल में

राधा रमण दास ने बताया कि इस्कॉन का अपना निजी रसोई घर है। यह स्कूलों के रसोई घर में खाना नहीं बनाता है। इस्कॉन का रसोई घर आईएसओ अप्रूवल है। रसोई घर में खाना आधुनिक मशीनों द्वारा बनाया जाता है जिसके कारण खाना बनाने के दौरान किसी भी व्यक्ति के हाथों का उपयोग नहीं होता है। इस वजह से खाना बिल्कुल किटाणुमुक्त रहता है। उन्होंने बताया कि गर्म खाने को प्लास्टिक व कागज के पैकेट में पैक करने से वह खाने के लिए हानिकारक होता है। इसके कारण इस्कॉन खाना बनने के बाद स्टील के छोटे-छोटे कंटेनर में भरकर स्कूलों में भेजता है। इस संस्था के तहत बच्चों ाके रोजाना बदल-बदल कर खाना दिया जाएगा। इस्कॉन संस्था के मुताबिक उसकी पहल के बाद ही स्कूलों में प्रत्येक बच्चे के लिए स्टील की थाली दी गयी है जो बच्चे खाने के पहले व खाने के बाद खुद ही धोते हैं। राधा रमण दास का कहना है कि यह बच्चों को खुद पर निर्भर होने के लिए बचपन से ही दी जा रही एक सीख है।

क्या कहना है शिक्षा विभाग के एमएमआईसी का

हावड़ा नगर निगम के शिक्षा विभाग के एमएमआईसी दिव्येन्दु मुखर्जी ने बताया कि निगम बच्चों को हेल्दी मिड डे मील मुहैया कराना चाहता है। इसके लिए ही निगम इस्कॉन फूड रिलिफ फाउंडेशन से मिड डे मील बनवाने के बारे में सोच-विचार कर रहा है। इस्कॉन संस्था को इस बारे में प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। एमएमआईसी ने बताया कि जल्द ही स्कूलों में इस्कॉन द्वारा बनाये गये मिड डे मिल दी जाएगा।

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