शांति और विकास से कोई समझौता नहीं : ममता

पिंटेल विलेज(सिलीगुड़ी): शांति और विकास से किसी भी हालत में कोई समझौता नहीं हो सकता। दार्जिलिंग में शांति स्थापित करना हमारी प्राथमिकता रही है। पहाड़ के सभी राजनीतिक दलों के सहयोग से आज पहाड़ पर पूरी तरह से शांत है। सिलीगुड़ी से थोड़ी दूरी पर स्थित पिंटेल विलेज में मंगलवार की शाम पहाड़ के मुद्दे पर आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह मंतव्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ बंगाल का अभिन्न अंग है। राज्य के अन्य हिस्सों की तरह दार्जिलिंग में भी विकास की गति और तेज होगी। यहां की जनता मेरे लिए उतनी ही प्रिय है जितनी की अन्य जगहों की है। सीएम ने कहा कि ‘दार्जिलिंग टूरिस्ट फेस्टिवल’ के आयोजन का प्रस्ताव मिला है जिसे मंजूरी दे दी गयी है। इसे भव्य तौर पर मनाया जायेगा और उसमें हमें भी आमंत्रित किया गया है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी में यह फेस्टिवल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दार्जिलिंग में एक पार्किंग प्लेस बनाने का भी प्रस्ताव आया जिस पर जिला प्रशासन भी होमवर्क करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने विकास पर अपने-अपने प्रस्ताव सामने रखे जिसे देखकर हमने कुछ प्रस्तावों को मंजूरी दे दी और कुछ पर विचार करूंगी। उन्होंने बताया कि बैठक में पहाड़ पर आंदोलन के दौरान मृत लोगों को मुआवजा देने की बात की गयी। विनय तमांग ने यह प्रस्ताव दिया। सैद्धांतिक तौर पर मैंने इसे मंजूर कर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान मृत ऐसे लोग जिनके नाम कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है उन्हें 2-2 लाख रुपये और परिवार के 1 सदस्य को जीटीए में ही ग्रुप डी की नौकरी दी जायेगी। इसके अलावा घायलों को भी 50-50 ह‌जार का मुआवजा दिया जायेगा। आंदोलन के दौरान बंद के कारण ड्यूटी पर नहीं आने वाले शिक्षकों को सशर्त 3 माह का पूरा वेतन देने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के शिक्षकों को राज्य सरकार पूरा वेतन देगी लेकिन उन्हें अवकाश के दिनों में भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाकर उसके सिलेबस को पूरा कराना होगा। ऐसे शिक्षक जिन्होंने कठिन हालात में भी स्कूल आकर बच्चों को पढ़ाने का काम किया उन्हें राज्य सरकार 15 दिनों की विशेष छुट्टी देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों के अलावा अन्य कर्मचारी चाहे वे जीटीए के हों या राज्य सरकार के उन्हें तीन माह के स्थान पर दो माह का पूरा वेतन देने की व्यवस्था की जायेगी। कमर्सियल वाहनों पर पेनाल्टी माफ कर दिया जायेगा और चालकों को केवल टैक्स देना होगा।
बैठक में मंत्री अरूप विश्वास, राज्य के मुख्य सचिव मलय दे, जीटीए के चेयरमैन विनय तमांग, जीटीए के उप चेयरमैन अनित थापा, तृणमूल नेता बिन्नी शर्मा और राजेन मुखिया, जीएनएलएफ के नेता मन ‌घीसिंग और नीरज जिम्बा सहित अन्य दलों के नेतागण मौजूद थे। जनआंदोलन पार्टी (जाप) ने बैठक का बहिष्कार किया।

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