पूर्व सांसद से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप

कोलकाता : वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर  बिहार के एक पूर्व सांसद से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला  सामने आया है। पूर्व सांसद देवेन्द्र प्रसाद  यादव ने सोमवार को ईमेल के जरिए अपनी शिकायत मोचीपाड़ा थाने में दर्ज करायी है। डी.पी यादव वर्तमान में बिहार में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।  डीसी सेंट्रल अखिलेश चतुर्वेदी ने बताया कि गत 9 फरवरी को मोचीपाड़ा थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि कोले मार्केट के निकट सोनाली लॉज में ठहरा एक युवक अपने कमरे से फोन कर लोगों से रंगदारी मांग रहा है। सूचना के आधार पर जब पुलिस उक्त लॉज में पहुंची तो उन्होंने युवक के कमरे को बंद पाया। लॉज प्रबंधन से उन्हें पता चला कि युवक किसी काम से बाहर गया हुआ है। इस बीच लॉज में दिए उसके पहचान पत्र से पुलिस को पता चला कि उसका नाम  विक्रम सिंह है और वह बिहार के छपरा का रहनेवाला है।  काफी देर तक उसके न लौटने पर  पुलिस कर्मियों ने कमरे का ताला खोलकर उसके अंदर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। युवक के मोबाइल से किए गए कॉल की लिस्ट खंगालने पर पता चला कि उसने बिहार के पूर्व सांसद को कई बार फोन किया था।  मोबाइल से नंबर लेकर जब मोचीपाड़ा थाने की पुलिस ने पूर्व सांसद को फोन किया तो उन्होंने बताया कि विक्रम उनकी एक नकली वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहा था और उनसे करीब 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग कर रहा था। रुपये नहीं देने पर उसने वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी भी दी है। पूर्व सांसद ने बताया कि उन्होंने उनसे मांगी जा रही रंगदारी को लेकर पटना पुलिस से भी शिकायत की है। पूर्व सांसद के अनुसार उनकी नकली वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इधर,  विक्रम के कमरे से  बरामद लैपटॉप से पुलिस को कई वीडियो फुटेज  मिले हैं।  पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी एक फुटेज में मैथ्यू सैमुअल जैसे दिखते हुए आदमी को दिखाया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में मैथ्यू समुअल का कोई रोल है या नहीं इसकी जांच की जा रही है । साथ ही पुलिस मामले में फरार विक्रम सिंह की तलाश  कर रही है।
वीडिओ फुटेज को भेजा जाएगा फॉरेंसिक लैब  
डीसी सेंट्रल अखिलेश चतुर्वेदी ने बताया कि विक्रम सिंह के लैपटॉप से बरामद वीडियो फुटेज की सत्यता की जांच के लिए उन्हें फॉरेंसिक लैब में भेजा  जाएगा। मोचीपाड़ा थाना पुलिस पूर्व सांसद की शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गयी है।

विक्रम पर रहस्य बरकरार ?
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार लॉज में विक्रम सिंह नाम का व्यक्ति ठहरा हुआ था। ऐसे लॉज में लगे सीसीटीवी कैमरे में विक्रम की तस्वीर भी जरूर कैद हुई है लेकिन पुलिस विक्रम  की तस्वीर शेयर करने से कतरा रही है। ऐसे में विक्रम की तस्वीर  नहीं जारी करने के कारण पुलिस के खिलाफ कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हम यहां बताते चलें कि मैथ्यू समुअल द्वारा किए गए नारदा स्टिंग मामले का फैसला भी जल्द ही आने वाला है और शायद इसकी जांच सीबीआई कर सकती है।

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