सच्चा प्यार: अमेरिकी युवती ने की झोपड़ी वाले से शादी

अहमदाबाद

इंटरनेट की दुनिया में फर्जीवाड़ा आम है। ऐसे में शहर के एक युवक ने जब अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में सच बोलते हुए यह लिखा कि वह गरीब है, तो उसे इसके बदले प्यार मिला। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर एक अमेरिकी महिला युवक से प्यार कर बैठी।

41 साल की टैमी अमेरिका के मोंटाना में स्वास्थ्य संयोजक का काम करती हैं। वह अमेरिकी का अपना घर-बार और सुविधा से भरी जिंदगी छोड़कर भारत आईं और अहमदाबाद के 21 वर्षीय युवक हितेश चावड़ा से शादी कर ली। हितेश ने केवल 12वीं तक पढ़ाई की है और वह बेरोजगार हैं। हितेश के माता-पिता नहीं हैं और उनकी परवरिश शहर के पूर्वी हिस्से में बनी एक चॉल में टीन की छत से ढकी झोपड़ी में हुई है। यही झोपड़ी हितेश की संपत्ति है।

अमेरिका से आईं टैमी इन परिस्थितियों में ऐसे बस गई हैं कि लोग हैरान हैं। हितेश के पास घर के नाम पर 2 छोटे कमरे हैं और सबसे कीमती सामान के नाम पर उनके पास एक फ्रीज भर है। टैमी ने हमें बताया, ‘हितेश के पास पैसे नहीं हैं, लेकिन पैसे से खुशियां नहीं खरीदी जा सकती हैं। मेरा पति (हितेश) मुझसे प्यार करता है और मेरे लिए यही बात सबसे ज्यादा मायने रखती है। यहां लोग कहते हैं कि हितेश अंग्रेजी नहीं बोल सकते, लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगी कि वह बिल्कुल साफ अंग्रेजी बोलते हैं और हम एक-दूसरे को पूरी तरह से समझते हैं।’

टैमी का कहना है कि हितेश जितनी परवाह करते हैं, उतना ध्यान रखने वाले इंसान उन्होंने कभी नहीं देखा। हितेश और टैमी की मुलाकात कुछ ही महीने पहले इंटरनेट पर हुई। दोनों के बीच की दोस्ती बढ़ी, तो हितेश ने टैमी को बताया कि उन दोनों की दुनिया एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। हितेश ने बताया कि वह अनाथ और गरीब हैं।

हितेश बताते हैं, ‘टैमी को लगा कि मैं झूठ बोल रहा हूं। उसने मुझे मेरे घर और मेरी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें भेजने को कहा। मैंने तस्वीरें अपलोड कर दीं। टैमी ने मुझे कहा कि मेरी सच्चाई और ईमानदारी ने उसका दिल जीत लिया है। उसने मुझे अमेरिका बुलाया। चूंकि मेरे पास पासपोर्ट नहीं है, तो वह ही भारत मेरे पास आ गई।’ सुरेश अपनी पत्नी टैमी को साथ लेकर सुंदरनगर स्थित अपने गांव पानसेरा चले गए हैं।

दोनों की शादी की कार्रवाई पूरी कराने वाले वकील धर्मेश व्यास ने बताया कि हितेश और टैमी ने चोटिला के एक मंदिर में शादी की और उन्होंने स्पेशल मैरेज़ ऐक्ट के तहत शादी का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन दिया है। उधर टैमी अपनी नई जिंदगी और परिस्थितियों में इस तरह रच-बस गई हैं मानो हमेशा से इसी तरह रहती हों। एयरकंडीशनर के बिना रहने और रोटी बेलने में भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही। हालांकि वह यह जरूर कहती हैं कि लोगों को उनके रिश्ते को सहजता से स्वीकार करने में थोड़ा समय लगेगा। हितेश कहते हैं, ‘मैं अमेरिका जाकर नहीं बसना चाहता हूं। टैमी अमेरिका छोड़कर यहां आएंगी और हम शायद स्थानीय फरसान बेचने का छोटा-मोटा कारोबार शुरू करेंगे।’

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