इशरत जहां: बीजेपी ने कहा, चक्रव्यूह में घिर गए हैं चिदंबरम

नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को मीडिया कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इशरत जहां मामले में एफिडेवट बदलने को लेकर पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम चक्रव्यूह में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने अमित शाह और नरेंद्र मोदी को नाकाम करने की साजिश रची थी, लेकन चिदंबरम अब रंगे हाथों पकड़े गए हैं, उनके हस्ताक्षर के सबूत मिल गए हैं।

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि तत्कालीन यूपीए सरकार नरेंद्र मोदी पर हमला करने आए आतंकियों को बचाने की कोशिश कर रही थी। पात्रा ने कहा कि यूपीए सरकार ने जनता को भ्रमित करने की कोशिश की थी। पात्रा ने कहा कि चिदंबरम ने गृहमंत्री की कुर्सी पर बैठकर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। आपको बता दें कि हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ ने सोमवार को आरटीआई में मिले जवाब के जरिए चिदंबरम के इशरत जहां मामले के एफिडेविट पर साइन करने का खुलासा किया था।

 पात्रा ने मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह केवल राजनीतिक वैमनस्य का मामला नहीं था, राजनीति में आगे बढ़ने के लिए एक मुख्यमंत्री (गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी) के जीवन को दांव पर लगा दिया। पात्रा ने कहा कि इसी राजनीति के कारण आतंकी को शहादत की ओर बढ़ा दिया। पात्रा ने कहा, ‘चिदंबरम साहब बड़े वकील हैं, उन्होंने पहले कहा कि पहले वाले एफिडेविट में इसलिए साइन नहीं किए, क्योंकि उसमें कई अस्पष्ट बातें थी, दूसरे वाले एफिडेविट में साइन किए थे। बाद में सबूत मिलने पर उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं आ रहा है। चिदंबरम साहब, आप तो बहुत बड़े वकील हैं, आप अपने साइन कैसे भूल सकते हैं? हमारा सवाल है कि पहले और दूसरे एफिडेविट के बीच के इन 45 दिनों में क्या हुआ? चिदंबरम के मन में किसने जहर घोला? देश जानना चाहता है कि वह कौन है, जिसने यह कहानी लिखी?’

संबित ने कहा, ‘आज दो और बड़े खुलासे हुए। इशरत पर 70 पेज की फाइल में 13 अप्रैल 2011 की नोटिंग है। इसमें कहा गया है कि NIA ने इशरत पर और खुलासे किए हैं, इसलिए अब कोर्ट में दाखिल सरकार के पहले और दूसरे एफिडेवट की बातों को एनआईए की खोज से मिलाकर देख लें कि कहीं सरकार का पक्ष गलत तो नहीं जा रहा है। और खुलासे में NIA ने इशरत को सूइसाइड बॉमर बताया था।’ बीजेपी प्रवक्ता ने पूछा, ‘डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ के बाद NIA ने 119 पेज की रिपोर्ट सौंपी थी। FBI ने भारत सरकार को लिखकर कहा था कि आपके देश में इशरत जहां नामक आत्मघाती आतंकी है, जो बमों से मंदिरों को नुकसान पहुंचा सकती है। मनमोहन जी, चिदंबरम जी और सोनिया जी ने इसे क्यों छुपा दिया?’

पात्रा ने कहा कि तत्कालीन सरकार मोदी जी, अमित शाह के लिए इतनी असहिष्णु थी कि इसमें इशरत जहां का नाम मिटाया गया, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया। आज देश जानना चाहता है कि चिदंबरम को किसने ब्रीफ किया, कांग्रेस में कोई भी 10 जनपथ से आदेश लिए बिना कोई काम नहीं करता है।

पात्रा ने किशोर कुमार के गाने के साथ अपनी बात कही, ‘जो बाग बहार उजाड़े उसे कौन बचाए, जो पानी आग लगाए उसे कौन बुझाए, जो सरकार आतंकियों को पनाह दे उनके लोगों को कौन बचाए..।’ पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेता लादेन के मारे जाने के ओसामा साहब, अफजल साहब, हाफिज सईद जी कहते थे या उनकी अध्यक्षा बाटला हाउस के बाद तीन दिन तक सो नहीं पाई थीं तो यह केवल जुबान का फिसलना नहीं था, ये फिसलन उनके मन में थी। पात्रा ने कहा, ‘मैं कांग्रेस से कहना चाहता हूं कि आपने हिंदुस्तान के लोगों के साथ खिलवाड़ किया है, आपके बुरे दिन आ गए हैं।’

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