संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान का निधन, शांति प्रयासों के लिए जाने जाते है अन्नान

स्विटजरलैंड : संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कोफी अन्नान का शनिवार की सुबह स्विटजरलैंड में निधन हो गया। कोफी अन्नान 80 वर्ष के थे। अन्नान के निधन की सूचना उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए दी गई। वे मूल रूप से घाना के रहनेवाले कोफी अन्नान को वैश्विक स्तर पर शांति प्रयासों और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिए जाने जाते है।
यूएन के महासचिव बनने वाले पहले अफ्रीकन
अन्नान को साल 2001 में उनके मानवीय कार्यों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अन्नान ने जनवरी 1997 से दिसंबर 2006 तक दो कार्यकालों के लिए संयुक्त राष्ट्र के सातवें महासचिव के तौर पर काम किया। वह यूएन के महासचिव बनने वाले पहले अफ्रीकन थे। उनका भारत से गहरा लगाव रहा है। उन्‍हें दुनियाभर में एड्स बीमारी की रोकथाम और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शांति प्रयासों के लिए जाना जाता रहा है।
कौन थे कोफी अन्नान
कोफी अन्नान का जन्म 8 अप्रैल 1938 को गोल्ड कोस्ट, जो वर्तमान में घाना देश है, वहां के कुमसी नामक शहर में हुआ था। घाना के एक बोर्डिंग स्कूल में शुरुआती शिक्षा लेने के बाद अन्नान ने कुसमी के विज्ञान और प्रौद्योगिकी कॉलेज में दाखिला लिया। उनके पिता एक शिक्षित व्यक्ति थे, इसलिए कोफी की पढ़ाई पर भी बहुत ध्यान दिया। जब अन्नान 20 वर्ष के थे तब उन्होंने फॉर्ड फाउंडेशन स्कॉलरशिप जीती और सेंट पॉल मिनेसोटा के मैकलेस्टर कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के लिए चले गए, जहां उन्होंने इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की।
1961 में इकॉनोमिक्स से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद कोफी अन्नान जिनेवा चले गए, जहां उन्होंने ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज से डीईए की डिग्री की। अन्नान ने जिनेवा में ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ज्वाइन कर ली। वहां उन्होंने बजट अधिकारी के रूप में काम किया। वे 1965 तक डब्लू एच ओ के साथ रहे। 1965 से 1972 तक अन्नान ने इथियोपिया की राजधानी अद्दीस अबाबा में संयुक्त राष्ट्र की इकॉनोमिक कमिशन फॉर अफ्रिका के लिये काम किया। 1976 में यूएन के साथ काम करने के लिए वह एक बार फिर जिनेवा लौट गए। उसके बाद से फिर वह यूएन के साथ ही काम करते रहे।

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