मैं लायक बेटे का नालायक बापः यशंवत सिन्हा

हजारीबागः बहुचर्चित मॉब लिचिंग मामले में उम्रकैद की सजा पाए आठ युवकों को जमानत मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा स्वागत करते उनकी तस्वीर वायरल होते ही बवाल मच गया। उधर, शाम होते-होते जयंत के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने उन्हें ‘नालायक’ बेटा करार दिया। दूसरी तरफ झाविमो के केंद्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जो निंदनीय है, वह निंदनीय है। ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को सम्मान देने से लोगों का मनोबल ही बढ़ेगा, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरा है।

यशवंत सिन्हा ने लायक बेटे का नालायक बाप था
उधर, मामला ज्यादा गर्मा जाने के बाद शाम को यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया। इसमें यशवंत सिन्हा ने लिखा- “पहले मैं एक लायक बेटे का नालायक बाप था, लेकिन अब रोल उलट गया है। मैं अपने बेटे के कार्य का अनुमोदन नहीं करता, लेकिन मैं जानता हूं कि यह भी आगे दुरुपयोग का कारण बनेगा।’
दरअसल, 29 जून को अलीमुद्दीन हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से उम्रकैद की सजा पाए आठ लोगों को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद तीन व चार जुलाई को क्रमश: सभी आठों लोग हजारीबाग सेंट्रल जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर निकलने पर परिजन व रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष शिव शंकर बनर्जी उर्फ पप्पू बनर्जी अपने समर्थकों के साथ युवकों को लेने के लिए मौजूद थे। वे वहां से सभी को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा से मिलाने उनके डेमोटांड स्थित आवास पर पहुंच गए। मंत्री उस समय मांडू में एक कार्यक्रम में व्यस्त थे। सूचना मिलने पर थोड़ी देर बाद वह आवास आए और जमानत पर छूटे सभी युवकों का स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाई। माला पहने आरोपितों की यही तस्वीर मंत्री जयंत सिन्हा के साथ वायरल हो गई। मुलाकात की तस्वीर व वीडियो एक भाजपा नेता ने ही फेसबुक पर अपलोड किया और कुछ लोगों को वाट्सएप पर भेजा। पोस्ट वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया। हालांकि इस पर जयंत सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा है कि संविधान सर्वोपरि है। पहले भी वह अलीमुद्दीन हत्याकांड या मॉब लिंचिंग की निंदा कर चुके हैं। इस मामले में जो दोषी हैं उन्हें सजा मिलेगी और जो निर्दोष हैं उनके साथ भी न्याय होगा। जमानत मिलने के बाद वे सभी अपने परिजनों के साथ मेरे आवास पर आए थे। मैंने उन्हें शुभकामनाएं दी थीं।
दोषी के जेल से छूटने पर भाजपा नेता ने किया स्वागत
इधर अलीमुद्दीन हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए विक्रम प्रसाद का जमानत पर छूटने के बाद शनिवार को रामगढ़ पहुंचने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने स्वागत किया। उन्होंने गोला रोड स्थित अपने आवास में विक्रम प्रसाद को माला पहनाया और मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
दो दोषी अभी भी है जेल में
अभी जिला गौरक्षा प्रमुख छोटू वर्माव विश्व हिंदू परिषद के नगर संयोजक रहे दीपक मिश्रा उम्रकैद की सजा पाने के बाद जेल में है। वहीं एक और अभियुक्त के नाबालिग होने के कारण मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।

क्या था मामला
रामगढ़ में 29 जून 2017 को प्रतिबंधित मांस के साथ पकड़े जाने के बाद अलीमुद्दीन अंसारी की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में ही फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट के निर्णय के बाद रामगढ़ में इसे लेकर लगातार आंदोलन भी चल रहा था। भाजपा की ओर से कई बार सीबीआइ जांच की मांग भी की गई थी। यहां तक कि इस मामले में एक मई 2018 को अटल विचार मंच द्वारा रामगढ़ बंद का भी आह्वान किया गया था।

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