ममता ने हसीना को कोलकाता आने का न्योता दिया

नयी दिल्ली/कोलकाता : बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बंगलादेश की पीएम शेख हसीना के बीच हुई बैठक में न केवल तीस्ता मुद्दे पर बातचीत हुई बल्कि ममता बनर्जी ने उन्हें कोलकाता आने के लिए भी आमंत्रित किया। ममता बनर्जी शनिवार की रात शेख हसीना के साथ रात्रि भोज में शरीक हुईं। इस मीटिंग में सीएम ने हसीना को बालुचरी की साड़ी तोहफे के रूप में दी तथा कोलकाता आने के लिए आमंत्रित किया। सूत्रों के मुताबिक ममता ने कहा कि बंगाल और बंगलादेश केवल संधियों के कारण एक दूसरे से जुड़े नहीं हैं बल्कि सही मायने में दोनों अच्छे पड़ोसी भी हैं। बंगलादेश को पानी मिले इसके लिए पूरी कोशिश है। जानकारी के मुताबिक सीएम ने कहा कि बंगलादेश को पानी देने से कोई आपत्ति नहीं है। तीस्ता की जगह तोरसा नदी का पानी लेने का सुझाव रखा है। इधर, बंगलादेश के साथ तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सकारात्मक बयान के बावजूद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने रुख पर कायम हैं और उनका कहना है कि इस संधि से उनके राज्य के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। ममता ने कहा है कि तीस्ता की जगह उन दूसरी छोटी नदियों का पानी साझा किया जा सकता है जो बंगलादेश में भी बहती हैं। ममता ने इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए इन नदियों का सर्वेक्षण करने की सलाह दी। सर्वेक्षण के आधार पर अन्य नदियों का पानी बंगलादेश की ओर मोडा जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि तीस्ता नदी उत्तरी बंगाल की जीवनरेखा है। भारत सरकार को इस नदी के अलावा अन्य   नदियों पर फोकस करना चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा, बंगलादेश की समस्या तीस्ता नहीं बल्कि पानी है। भारत-बंगलादेश के बीच कई और नदी हैं जिनसे पड़ोसी देश को पानी दिया जा सकता है। गर्मी के दौरान तीस्ता लगभग सूख जाती है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बंगलादेश की प्रधानमंत्री को तीस्ता समझौते को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार करने में अपनी ‘सीमाओं और दिक्कतों ‘ से अवगत कराया है। सीएम ने कहा कि मेरा मानना है कि राज्य के हितों की रक्षा होनी चाहिए। उधर, नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शेख हसीना की मौजूदगी में कहा ‘ मेरा दृढतापूर्वक मानना है कि केवल मेरी सरकार और सुश्री हसीना की सरकार तीस्ता जल बंटवारे का शीघ्र समाधान कर सकती है।’ ऐसा माना जाता है कि इस बयान से मुख्यमंत्री पर दबाव बन सकता है। नरेंद्र मोदी के इस बयान के बाद बंगलादेश इस मुद्दे के समाधान की उम्मीद बढी है और वह इस बयान को भारत की ‘नयी नीति’ के रूप में देख रहा है। बंगलादेश के विदेश सचिव शैदुल हक ने कहा है,’ दोनों नेताओं के संयुक्त वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है।’  बंगलादेश में अगले वर्ष आम चुनाव हैं जिनमें तीस्ता समझौता एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। बंगलादेश के रंगपुर, निलफामरी, गैबंध, कुरिग्राम और लालमोनिहाट जैसे क्षेत्रों में किसान धान की फसल के लिए तीस्ता के पानी पर ही निर्भर हैं जबकि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुडी, दक्षिण दिनाजपुर और दार्जिलिंग जैसे क्षेत्रों में भी किसान फसलों की सिंचाई के लिए तीस्ता के पानी पर ही आश्रित हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन पीएम डॉ. मनमोहन सिंह 2011 के सितंबर में ढाका गये थे लेकिन सीएम ने उस दौरान भी तीस्ता संधि पर सहमति जताने से इनकार किया था। बंगलादेश की आजादी की लड़ाई में शहीद हुए लोगों की याद में ममता बनर्जी चाहती हैं कि कोलकाता में मुक्ति योद्धा भवन का निर्माण हो। इसके साथ ही सीएम की चाहत है कि बंगला नव वर्ष ‘पोइला वैशाख’ संयुक्त रूप से मनाया जाए। बंगलादेश में 14 अप्रैल को पोइला वैशाख मनाया जाता है जबकि यहां अधिकांश तौर पर 15 अप्रैल को।

एसे अन्य लेख

Leave a Comment

अन्य समाचार

नरेंद्र मोदी और अशरफ गनी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अशांत अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया की स्थिति सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर बुधवार को यहां गहन विचार विमर्श किया। नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर [Read more...]

विजय माल्‍या ने स्विस बैंक में भेजे 170 करोड़, भारतीय एजेंसियां नहीं रोक पाई

नई दिल्लीः ब्रिटिश सरकार ने भगौड़ा विजय माल्या के लंदन स्थित संपत्ति को फ्रीज कर दिया, लेकिन इससे पहले वह एक बड़ी रकम स्विस बैंक में ट्रांसफर करने में सफल हुआ था। इस बारे में ब्रिटेन द्वारा भारतीय एजेंसियों ने [Read more...]

मुख्य समाचार

भाजपा के सामने किसी राजनीतिक दल की कोई चुनौती नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

नीमच : भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि देश में अब उनकी पार्टी के सामने कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की कोई चुनौती नहीं है। कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार दोपहर नीमच और जावद में कार्यकर्ताओं [Read more...]

नरेंद्र मोदी और अशरफ गनी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अशांत अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया की स्थिति सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर बुधवार को यहां गहन विचार विमर्श किया। नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर [Read more...]

ऊपर